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पासपोर्ट ऑफिस के चक्कर काट-काटकर परेशान हैं? 23 जुलाई को लगेगी लोक अदालत, एक ही दिन में दूर होंगी परेशानियां

अगर आप लंबे समय से पासपोर्ट बनवाने या उसमें किसी गलती को सुधरवाने के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। गाजियाबाद में 23 जुलाई को विशेष 'पासपोर्ट लोक अदालत' का आयोजन किया जा रहा है।

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23 जुलाई को लगेगी लोक अदालत, एक ही दिन में दूर होंगी परेशानियां

विदेश जाने का सपना देख रहे या जरूरी काम से पासपोर्ट बनवाने की कोशिश में जुटे लोगों के लिए अक्सर सबसे बड़ी चुनौती पासपोर्ट ऑफिस के चक्कर लगाना बन जाती है। कई बार पुलिस वेरिफिकेशन में देरी, दस्तावेजों (Documents) में छोटी-मोटी कमियां, स्पेलिंग की गलतियां या पुरानी पेंडिंग फाइलों के कारण आवेदन महीनों तक अटका रहता है। आवेदकों को बार-बार पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। इसी तरह की प्रशासनिक उलझनों और लंबित मामलों का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (Regional Passport Office) गाजियाबाद द्वारा 23 जुलाई को एक विशेष 'पासपोर्ट लोक अदालत' (Passport Lok Adalat) का आयोजन किया जा रहा है।

लोक अदालत में कौन जा सकता है?

यह लोक अदालत उन सभी आवेदकों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी पासपोर्ट फाइलें किसी न किसी वजह से लंबे समय से अटकी हुई हैं। गाजियाबाद स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के आवेदक इस लोक अदालत में सीधे उपस्थित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं। अक्सर देखने में आता है कि सामान्य दिनों में अपॉइंटमेंट (Appointment) मिलने में काफी समय लगता है या अधिकारी केवल सीमित शिकायतों को ही सुन पाते हैं। लेकिन इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य एक ही दिन के भीतर अधिक से अधिक पेंडिंग मामलों को निपटाना और आवेदकों की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट (On-the-spot) समाधान प्रदान करना है।

कौन कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

पासपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इस लोक अदालत में हिस्सा लेने के लिए आवेदकों को कुछ जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। जिन लोगों के आवेदन काफी समय से लंबित हैं, उन्हें अपने सभी मूल दस्तावेज (Original Documents), जैसे पहचान पत्र, पते का प्रमाण, जन्म प्रमाण पत्र और आवेदन से संबंधित पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) साथ लानी होगी। लोक अदालत के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम मौजूद रहेगी जो सीधे फाइलों की जांच करेगी। यदि किसी दस्तावेज में मामूली कमी होगी या सत्यापन का मुद्दा होगा, तो उसे मौके पर ही दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आवेदक की फाइल को आगे प्रोसेसिंग के लिए भेजा जा सके।

इस पहल से न केवल गाजियाबाद बल्कि इससे जुड़े आसपास के जिलों के हजारों नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से आम जनता और पासपोर्ट विभाग के बीच पारदर्शिता बढ़ती है और बिचौलियों या एजेंटों के चंगुल से लोगों को बचाया जा सकता है। यदि आपकी भी कोई पासपोर्ट फाइल काफी समय से अटकी हुई है या किसी कारणवश होल्ड पर रख दी गई है, तो 23 जुलाई को आयोजित होने वाली इस पासपोर्ट लोक अदालत का लाभ उठाकर आप अपनी समस्या को एक ही दिन में सुलझा सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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