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'4 मई के बाद TMC कार्यकर्ताओं को सिखाया जाएगा सबक',CM योगी ने दिया यूपी मॉडल का उदाहरण, बोले- सबको ठीक कर देंगे

West Bengal Assembly Elections 2026: योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और वाम दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मिलकर महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी और कांग्रेस महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी का अपमान बताया और कहा कि माताएं और बहनें इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी।

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योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा।

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर सियाली बयानबाजी जोरों पर है। यहां भाजपा और टीएमसी के नेता एक दूसरे के खिलाफ खूब आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इस बीच भाजपा के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कूचबिहार में एक चुनावी रैली में टीएमसी और ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। योगी आदित्यनाथ ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को धमकाने वालों को 4 मई के बाद “कड़ा सबक” सिखाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर टीएमसी के कार्यकर्ता हमारे समर्थकों को डराने-धमकाने की कोशिश करेंगे,तो 4 मई (मतगणना के दिन)के बाद उनका काउंटडाउन शुरू हो जाएगा और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

विपक्ष पर साधा निशाना

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और वाम दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मिलकर महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी और कांग्रेस महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी का अपमान बताया और कहा कि माताएं और बहनें इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी।

बंगाल सरकार घुसपैठियों की मदद कर रही

पश्चिम बंगाल में मौजूदा अशांति के लिए तृणमूल कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए उन्होंने घोषणा की कि ममता बनर्जी को सत्ता छोड़ देनी चाहिए क्योंकि भाजपा सत्ता में आ रही है। योगी ने कहा कि बंगाल की जनता को अब डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल में सत्ताधारी सरकार ऐसे लोगों को मतदाता सूचियों में शामिल करने में मदद कर रही है, जिससे गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में घुसपैठिए स्थानीय नागरिकों के अधिकार छीन रहे हैं, जबकि कथित अराजकता के कारण लोग भय में जी रहे हैं।

पलायन करने पर मजबूर किसान

उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और वे पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आलू की कीमत 15 से 20 रुपए के बीच है, जबकि बंगाल में यह 1 से 1.5 रुपए के बीच है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में 7,000 से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश ने 3 करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है, जबकि बंगाल में लगभग 30 लाख युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने धान और मछली उत्पादन में गिरावट का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय निधि लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रही है।

हिंदुओं और जय श्री राम के नारों का विरोध करती हैं ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी हिंदुओं और जय श्री राम के नारों का विरोध करती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम का भी विरोध किया, जो बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से आए हिंदुओं, जैनों और सिखों जैसे उत्पीड़ित समुदायों को नागरिकता अधिकार प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में ऐसे 1056 परिवारों को भूमि अधिकार और नागरिकता दी गई है। उन्होंने अधिनियम का विरोध करने के लिए कांग्रेस, वामपंथी और टीएमसी की आलोचना की और कहा कि उनकी सरकार वैश्विक स्तर पर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने टीएमसी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि वह मुसलमानों के अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचती। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में लोग सरकारी कार्रवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं के हमलों के डर से 'जय श्री राम' के नारे नहीं लगा सकते।

सीएम योगी ने यूपी मॉडल का दिया उदाहरण

उन्होंने यह भी दावा किया कि दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों से पहले अशांति फैलती है और अनुमतियां नहीं दी जातीं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भी यही स्थिति थी, पहले अक्सर दंगे और कर्फ्यू लगते थे, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार के तहत न तो कर्फ्यू है और न ही दंगे, और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और माफियाओं की संपत्तियों का उपयोग जन कल्याण के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सड़कों पर नमाज नहीं अदा की जाती और अजान की आवाज केवल मस्जिदों तक ही सीमित है। अवैध गतिविधियों की कोई गुंजाइश नहीं है और इसे बंगाल के लिए बदलाव का अवसर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध थे, लेकिन अब कावड़ यात्रा और दुर्गा पूजा दोनों शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर पहले उठाई गई चिंताएं निराधार साबित हुई हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतों की गिनती 4 मई को होगी।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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