लोकसभा चुनाव 2024 में चार चरण का मतदान हो चुका है। पांचवें चरण का मतदान 20 मई को सम्पन्न हो जाएगा। इसके बाद 25 मई को छठे और 1 जून को सातवें चरण के लिए वोट पड़ेंगे। चुनावों के व्यस्त कार्यक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री और ओडिशा के संभलपुर से भाजपा उम्मीदवार धर्मेंद्र प्रधान में टाइम्स नाउ नवभारत से बात करने के लिए फुर्सत निकाली। टाइम्स नाउ और टाइम्स नाऊ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान में हर मुद्दे पर बात की। उन्होंने ओडिशा विधानसभा चुनाव पर भी बात की और लोकसभा चुनावों पर भी बेबाक राय रखी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और उनके उत्तराधिकारी माने जा रहे वीके पांडियन को लेकर भी खुलकर बात की। लोकसभा चुनाव की सीटों के भविष्यवाणी को लेकर उन्होंने अपनी राय रखी। चलिए जानते हैं धर्मेंद्र प्रधान को क्या लगता है कि भाजपा को ओडिशा में और देशभर में कितनी सीटें मिलेंगी।
ओडिशा एक ऐसा राज्य है, जहां भाजपा कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीती। यही नहीं ओडिशा एक ऐसा राज्य भी है, जहां पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होते हैं। क्या एक साथ चुनाव होने से विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनावों पर असर डालते हैं?
इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, राज्य में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव एक दूसरे को कॉम्प्लीमेंट करते हैं। हालांकि, कई बार हालात थोड़ा अलग होते हैं, लेकिन इस बार मोदी जी के नेतृत्व को विधानसभा और लोकसभा दोनों जगह समर्थन मिलेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में हमें बहुत सीटें नहीं मिली थीं, इसके बावजूद हमारा वोट प्रतिशत 18 से 32 फीसद बढ़ा। इस बार हमें 40 फीसद वोट मिलेंगे और हमें विधानसभा में बहुमत मिलेगा। जहां तक बात है लोकसभा की तो, मेरे आकलन के अनुसार हम ओडिशा की सभी 21 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे और हमें 45 फीसद से ज्यादा वोट मिलेंगे।
'नवीन बाबू आराम कर सकते हैं'
इस बार नवीन बाबू को आराम कर सकते हैं, उन्हें आराम करना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान ने यह बात तब कही, जब उनसे पूछा गया कि आप सभी 21 सीटें जीत जाएंगे? अगर आपने यह करिश्मा कर दिया तो फिर नवीन पटनायक क्या करेंगे। आपके मित्र नवीन अब मित्र नहीं रहे? धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा, लोकसभा चुनाव में हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हैं, उनके उम्मीदवार कौन हैं? उनके लोग क्या करेंगे? यह बात इस बार ओडिशा के लोगों के मन में है। जहां तक बात राज्य सरकार की है तो उनकी सरकार पिछले पांच बार से है और हर चीज का अंत होता है। मेरा आकलन है कि नवीन पटनायक की पार्टी पिछले 25 सालों के फेलियर का परिणाम भुगतेगी।धर्मेंद्र प्रधान संभलपुर से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन यहां पर किसी पार्टी का स्ट्रॉन्ग होल्ड नहीं है। क्योंकि पिछले 3 लोकसभा चुनावों में यहां से अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। साल 2009 में कांग्रेस को यहां से जीत मिली, जबकि 2014 में यह सीट बीजू जनता दल की झोली में गई। साल 2019 यानी पिछले चुनाव में भाजपा यहां से जीती। पिछले चुनाव में राज्य की 21 में से 8 सीटें ही भाजपा जीती थी।
