साल 2024 के आम चुनाव (लोक सभा चुनाव) में विपक्षी एकजुटता के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विरोधी खेमे में फिलहाल पुरजोर कोशिशें चल रही हैं। सोमवार (24 अप्रैल, 2023) को इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पश्चिम बंगाल पहुंचे, जहां उनकी सूबे की सीएम और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी से बंद कमरे में कुछ देर मुलाकात हुई। आपसी मंथन के बाद तीनों सियासी दिग्गज मीडिया के सामने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सामने आए। बनर्जी ने इस दौरान कहा- हमें यह संदेश देना है कि हम सभी एक साथ हैं। हमारा विजन-मिशन साफ है और हम बीजेपी को जीरो (शून्य) बनाना चाहते हैं।
बकौल दीदी, "मैंने नीतीश से एक गुजारिश की है। जयप्रकाश नारायण का आंदोलन बिहार से शुरू हुआ था। अगर बिहार में सर्वदलीय बैठक हो, तब हमतय कर सकते हैं कि हमें आगे कहां जाना है। लेकिन सबसे पहले हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हम एक हैं। मैं पहले भी कह चुका हूं कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं चाहती हूं कि बीजेपी बिल्कुल जीरो (शून्य) हो जाए। मीडिया के सपोर्ट और झूठ के बलबूते बड़े हीरो बन गए हैं।"
कुमार ने इस दौरान कहा, "आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों को साथ आना चाहिए। विपक्षी दलों को एक-साथ बैठक रणनीति तैयार करने की जरूरत है।" बिहार सीएम ने दीदी के साथ हुई भेंट के बाद बताया कि उनके साथ बातचीत बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने इसके अलावा दावा किया कि भारत के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया गया। शासन करने वालों को केवल प्रचार करने में दिलचस्पी दिखाई।
बिहार के मुख्यमंत्री के मुताबिक, "हमने बातचीत की है। खासतौर से सभी दलों के एक साथ आने और आगामी संसद चुनाव से पहले सभी तैयारियां करने के बारे में। आगे जो भी होगा, देशहित में किया जाएगा। जो लोग अभी शासन कर रहे हैं, उनके पास करने के लिए कुछ नहीं है। वे सिर्फ अपना प्रचार कर रहे हैं। देश के विकास के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।" (पीटीआई-एएनआई इनपुट्स के साथ)
