चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक पार्टियां जहां अपनी एड़ी-चोटी के जोर के साथ करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा देती हैं, वहीं केंद्रीय राज्य कानून और न्याय मंत्री एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) का मानना है कि मीडिया (कथित प्रबंधन) पर या फिर अन्य चीजों पर पैसे खर्च कर के आप चुनावी जीत हासिल नहीं कर सकते हैं। उल्टा उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक बार पैसे खर्च करने पर वह हार गए थे, जबकि छह बार एक भी रुपया न खर्च करने के बाद उन्हें विजय प्राप्त हुई।
अंग्रेजी अखबार 'दि इंडियन एक्सप्रेस' में 'डेल्ही कॉन्फिडेंशियल' कॉलम में मंगलवार (9 मई, 2023) को इस बारे में बताया गया। बघेल के हवाले से आगे कहा गया, "मैंने जो छह चुनाव जीते थे, उनमें से किसी पर भी मैंने एक रुपया खर्च नहीं किया था। एक मौके पर जब मैंने कुछ रकम खर्च भी की थी, उसमें मुझे समाजवादी पार्टी (SP) के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से हार मिली थी।" यह मात उन्हें उत्तर प्रदेश (UP) के विधानसभा चुनाव में करहल (Karhal) सीट पर मिली थी।

बीजेपी के एसपी सिंह बघेल मूल रूप से इटावा के रहने वाले हैं। (फाइल)
लोक सभा (Lok Sabha) सांसद ने ये बातें सोमवार (आठ मई, 2023) को यूपी के आगरा (Agra) में हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने जानकारी दी कि वह पहली दफा साल 1998 में जब सांसद बने थे, तब 12 लाख रुपए का खर्च (चुनाव के दौरान) हुआ था। दूसरी बार जब वह जीते थे, तब यह चुनावी खर्च बढ़कर 14 लाख हो गया था और तीसरी बार 2004 में 16 रुपए के आसपास पहुंच गया था। उन्होंने यह भी बताया कि 20 रुपए के एक फोटोस्टेट ने उन्हें संसद के उच्च सदन राज्य सभा (Rajya Sabha) पहुंचाया।
पीएचडी होल्डर (यूपी के मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से साल 2004 में) बघेल के 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास आठ करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। लगभग छह लाख रुपए कैश के साथ वह बैंक खातों और अन्य जमा खातों में 40 लाख रुपए से अधिक की रकम रखते हैं। साढ़े 10 लाख रुपए से ज्यादा की जूलरी भी रखते हैं, जिसमें 15 तोला सोने के गहने (साढ़े सात लाख रुपए) और एक किलो चांदी आदि शामिल हैं। वह अपने पास एक 315 बोर की राइफल (50 हजार रुपए) और 32 बोर की रिवॉल्वर (एक लाख रुपए) भी रखते हैं।
