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UP Suar Vidhan Sabha By Election Result 2023: अब्दुल्ला की सीट पर किसको मिलेगी जीत? स्वार विस उपचुनाव के नतीजे 13 मई को

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 12, 2023, 10:05 PM IST

UP Suar Vidhan Sabha By Election Result 2023: स्वार विधानसभा सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम को एक मामले में कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यतार रद्द कर दी गई थी।

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स्वार विधानसभा उपचुनाव परिणाम

UP Suar Vidhan Sabha By Election Result 2023: रामपुर की स्वार विधानसभा से विधायक अब्दुल्ला आजम विधायकी छिनने के बाद इस सीट पर 10 मई को उपचुनाव कराए गए थे। चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के ऐलान के वक्त इस सीट पर भी चुनाव कराने का फैसला किया था। 13 अप्रैल को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। कल यानी 13 मई (शनिवार) को इस सीट पर हुए उचुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।

बता दें, कि स्वार विधानसभा सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम को एक मामले में कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यतार रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था।

ये प्रत्याशी हैं मैदान में

स्वार विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने अनुराधा चौहान को प्रत्याशी घोषित किया है तो वहीं अपना दल एस की ओर से शफीक अहमद अंसारी मैदान में हैं। वहीं पीस पार्टी से डॉ. नाजिया सिद्दकी भी चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट से कुल छह प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। बता दें 10 मई को स्वार विधानसभा सीट पर शाम सात बजे तक 44 प्रतिशत मतदान हुआ था।

यहां देख पाएंगे नतीजे

स्वार विधानसभा सीट के सटीक नतीजे आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे। आप इस सीट के नतीजे eci.gov.in, eciresults.eci.gov.in पर देख सकते हैं। इसके अलावा टाइम्स नाउ नवभारत पर भी आप चुनाव परिणाम देख सकेंगे।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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