लाइफस्टाइल

नवरात्रि से पहले अहमदाबाद में 'IV ड्रिप' की डिमांड क्यों बढ़ी? गरबा लवर्स नसों के जरिए ले रहे ग्लो और ताकत

IV ड्रिप्स की कई श्रेणियां हैं, जिनमें एनर्जी, ग्लो, डिटॉक्स और वेट लॉस से जुड़ी ड्रिप्स शामिल हैं। मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल, स्किन केयर रूटीन और स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ट्रीटमेंट की योजना बनाई जाती है।

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गरबा नाइट्स से पहले स्किन चमकाने और थकान मिटाने का 'नया ट्रेंड', अहमदाबाद में डर्मेटोलॉजिस्ट के पास बढ़ रही भीड़

अहमदाबाद में नवरात्रि से पहले IV ड्रिप लेने का ट्रेंड बढ़ता दिखाई दे रहा है। पहले शादियों के सीजन में ज्यादा इस्तेमाल होने वाली इन ड्रिप्स को अब कुछ लोग त्योहारों के दौरान स्किन ग्लो और एनर्जी के लिए भी ले रहे हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया और वेलनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच पुरुषों और महिलाओं, दोनों में इसका चलन देखने को मिल रहा है।

अहमदाबाद के एक डर्मेटोलॉजी सेंटर में पहुंची एक महिला ने बताया कि वह नवरात्रि के लिए स्किन ग्लो के उद्देश्य से IV ड्रिप ले रही हैं। उनके मुताबिक, एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने डॉ. अंशुल वर्मन से संपर्क किया। महिला ने बताया कि वह चार सेशन ले चुकी हैं और उन्हें अपनी त्वचा में पहले की तुलना में ग्लो महसूस हो रहा है।

एनर्जी, ग्लो और वेट लॉस के नाम पर अलग-अलग ड्रिप्स

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल वर्मन के मुताबिक, IV ड्रिप्स की कई श्रेणियां हैं, जिनमें एनर्जी, ग्लो, डिटॉक्स और वेट लॉस से जुड़ी ड्रिप्स शामिल हैं। मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल, स्किन केयर रूटीन और स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ट्रीटमेंट की योजना बनाई जाती है।

डॉ. वर्मन के अनुसार, किसी त्योहार या शादी से पहले ट्रीटमेंट शुरू करने के लिए तीन से छह सप्ताह का समय मिलना बेहतर माना जा सकता है। मरीज की जरूरत के हिसाब से सेशन के बीच का अंतर तय किया जाता है। एक IV ड्रिप लगाने में आमतौर पर दो से तीन घंटे लग सकते हैं, हालांकि समय ड्रिप की संरचना और मेडिकल जरूरत पर निर्भर करता है।

सीधे नसों में पहुंचती है IV ड्रिप

सीधे नसों में पहुंचती है IV ड्रिप

डॉक्टर की निगरानी और मेडिकल हिस्ट्री जरूरी

डॉ. वर्मन ने चेतावनी दी कि IV ड्रिप के जरिए दवाएं सीधे नसों में पहुंचती हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह और उचित मेडिकल निगरानी में ही किया जाना चाहिए। गलत मात्रा या बहुत तेजी से ड्रिप देने से जटिलताएं हो सकती हैं। उन्होंने सैलून या पार्टियों जैसी गैर-चिकित्सकीय जगहों पर इस तरह के ट्रीटमेंट लेने को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही।

डॉक्टर के मुताबिक, कुछ मरीजों में जरूरत से ज्यादा फ्लूइड देने से परेशानी हो सकती है और किडनी पर दबाव पड़ने का जोखिम रहता है। वहीं, हृदय रोग से पीड़ित लोगों को IV ड्रिप लेने से पहले अपने फिजिशियन या कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह लेनी चाहिए।

रोजाना एक-दो मरीज आने का दावा

डॉ. वर्मन ने बताया कि उनके सेंटर पर औसतन रोजाना एक से दो मरीज IV ड्रिप के लिए आ रहे हैं। उनके आकलन में नवरात्रि और दूसरे आयोजनों से पहले यह ट्रेंड कुछ लोगों के बीच लोकप्रिय हुआ है। हालांकि, पूरे अहमदाबाद या गुजरात में कितने लोग IV ड्रिप ले रहे हैं, इसका कोई स्वतंत्र आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया।

नवरात्रि के दौरान देर रात तक गरबा खेलने, पर्याप्त नींद नहीं लेने और शरीर में पानी की कमी होने से थकान महसूस हो सकती है। लेकिन IV ड्रिप को हर व्यक्ति के लिए जरूरी या थकान दूर करने का निश्चित उपाय नहीं माना जा सकता। इसके फायदे और जोखिम इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं, व्यक्ति की सेहत और मेडिकल जरूरत पर निर्भर करते हैं।

डॉ. अंशुल वर्मन ने कहा कि IV ड्रिप हमेशा डॉक्टर की निगरानी और उचित मेडिकल निर्देशों के अनुसार ही लेनी चाहिए। बिना विशेषज्ञ की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर या उचित मेडिकल निगरानी के बिना IV ड्रिप लेने से गंभीर साइड इफेक्ट्स और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इस तरह का ट्रीटमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना और निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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