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अखिलेश यादव का चुनावी प्लान तैयार, सपा ने सभी 9 सीटों पर उतारे उम्मीदवार; देखें लिस्ट

UP by-election: उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। सपा ने पहले 6 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, इस बीच बृहस्पतिवार को सपा ने तीन और सीटों पर उम्मीदवार घोषित किये।

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सपा ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट।

Photo : PTI

Samajwadi Party candidates List: कांग्रेस के मैदान में उतरने से इनकार के बाद इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) में उसके सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिये सभी नौ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिये। पार्टी ने बृहस्पिवार को बाकी तीन और सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया।

उपचुनाव में कांग्रेस ने नहीं उतारे अपने उम्मीदवार

सपा ने इंडिया गठबंधन के तहत गाजियाबाद और खैर सीट कांग्रेस को दी थी, मगर पार्टी ने 'संविधान, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की रक्षा' के मकसद से, उपचुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारने और सपा प्रत्याशियों की जीत के लिए उनका समर्थन करने का फैसला किया है। सपा ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि पार्टी ने गाजियाबाद, खैर एवं कुंदरकी विधानसभा सीटों के लये उम्मीदवारों के नाम की घोषणा बृहस्पतिवार को कर दी।

बयान के अनुसार इन सीटों से क्रमश: सिंह राज जाटव, डॉक्टर चारू कैन तथा मोहम्मद रिजवान को मैदान में उतारा है। पार्टी ने इससे पहले छह सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों की अलग-अलग सूची जारी की थी। अन्य छह सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों में करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुस्तफा सिद्दीकी, कटेहरी से शोभावती वर्मा, मझवां से ज्योदी बिंद और मीरापुर से सुम्बुल राना शामिल हैं।

सभी उम्मीदवार साइकिल के चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे चुनाव

चुनाव आयोग ने एक मामला अदालत में लम्बित होने के कारण मिल्कीपुर (अयोध्या) को छोड़कर नौ सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर है। मतगणना 23 नवंबर को होगी। कांग्रेस महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करने के बाद समाज और देश के हित में यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नहीं रोका गया तो संविधान, सौहार्द और भाईचारा खतरे में पड़ जाएगा।

इससे पहले, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को ऐलान किया था कि 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में सभी नौ सीट पर ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और सपा एकजुट है और ‘इंडिया’ उपचुनाव में जीत की नई इबारत लिखेगा।

राज्य की नौ सीटों पर उपचुनाव 13 नवंबर को होने हैं। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। प्रदेश में जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) शमिल हैं।

सीसामऊ के अलावा सभी निर्वाचन क्षेत्र के विधायकों ने इस साल आम चुनाव के बाद इस्तीफा दे दिया था। ये सभी विधायक लोकसभा के लिये निर्वाचित हुये हैं। सीसामऊ सीट के विधायक इरफान सोलंकी को एक आपराधिक मामले में सजा सुनाये जाने के कारण विधानसभा सदस्यता की उनकी सदस्यता समाप्त हो गयी जिसके बाद यह सीट रिक्त हुई है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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