इलेक्शन

UP Assembly By-Election: बसपा ने 8 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान; जानें किसे कहां से मिला टिकट

BSP Candidates List: मायावती ने उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। बहुजन समाज पार्टी ने 9 में से 8 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगा दिया है। बसपा ने आठ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। आपको बताते हैं इस सूची में किस-किस का नाम है।

Image

मायावती।

UP Assembly By-Election: मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के आलोक में आठ सीटों पर बृहस्पतिवार को उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की । बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम की ओर से जारी इस सूची के मुताबिक पार्टी ने कटेहरी (अंबेडकर नगर) सीट से अमित वर्मा, फूलपुर (प्रयागराज) सीट से जितेंद्र कुमार सिंह, मीरापुर (मुजफ्फरनगर) सीट से शाह नजर और सीसामऊ (कानपुर नगर) सीट से वीरेंद्र कुमार शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है।

सपा के गढ़ करहल से बसपा ने किसे दिया टिकट?

सूची के अनुसार, पार्टी ने इन सीटों के अलावा करहल (मैनपुरी) से अवनीश कुमार शाक्य, कुंदरकी (मुरादाबाद) से रफत उल्ला, गाजियाबाद से परमानंद गर्ग तथा मझवां (मिर्जापुर) से दीपक तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव आगामी 13 नवंबर को होगा और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

यूपी की किन विधानसभा सीटों पर होने हैं उपचुनाव

प्रदेश में जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं उनमें कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) शमिल हैं। सीसामऊ के अलावा सभी निर्वाचन क्षेत्र के विधायकों ने इस साल आम चुनाव के बाद इस्तीफा दे दिया था। ये सभी विधायक लोकसभा के लिये निर्वाचित हुये हैं।

सीसामऊ सीट के विधायक इरफान सोलंकी को एक आपराधिक मामले में सजा सुनाये जाने के कारण विधानसभा सदस्यता की उनकी सदस्यता समाप्त हो गयी जिसके बाद यह सीट रिक्त हुई है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article