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Telangana Chunav Exit Poll 2023: तेलंगाना में कांग्रेस के लिए खुशखबरी, केसीआर की बढ़ेगी टेंशन; देखें एग्जिट पोल

Telangana Exit Poll Results 2023: विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल के नतीजो में के. चंद्रशेखर राव के लिए टेंशन की बात सामने आई है। केसीआर से तेलंगाना के मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन सकती है। भारत राष्ट्र समिति को यहां कांग्रेस मात दे सकती है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है।

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तेलंगाना में किसके सिर बंधेगा जीत का सेहरा?

Photo : Times Now Digital

Telangana Election Exit Poll Results 2023 Times Now: तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 पर Times Now ईटीजी का एग्जिट पोल आ गया है। टाइम्स नाउ के सर्वे के मुताबिक तेलंगाना में केसीआर की टेंशन बढ़ सकती है। एग्जिट पोल के अनुसार इस राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के आसार नजर आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार के. चंद्रशेखर राव एक बार फिर मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। भारत राष्ट्र समिति के लिए यह बड़ी टेंशन साबित हो सकती है।

तेलंगाना चुनाव 2023 के एग्जिट पोल

Exit Poll 2023 Result Live: तेलंगाना में किस पार्टी को कितनी सीट?

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)- 60 से 70 सीटें मिलने के आसार
  • भारत राष्ट्र समिति (BRS)- 37 से 45 सीटें मिलने के आसार
  • भारतीय जनता पार्टी (BJP)- 6 से 8 सीटें मिलने के आसार
  • एआईएमआईएम (AIMIM)- 5 से 7 सीटें मिलने के आस
  • अन्य (OTH): 00 सीटें
(टाइम्स नाउ ETG का सर्वे)

तेलंगाना एग्जिट पोल में किस पार्टी को कितने फीसद वोट?

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)- 43%
  • भारत राष्ट्र समिति (BRS)- 38%
  • भारतीय जनता पार्टी (BJP)- 13%
  • एआईएमआईएम (AIMIM)- 2%
  • अन्य (Others)- 2%
(टाइम्स नाउ ETG का सर्वे)

तेलंगाना चुनाव में किसका बजेगा डंका?

तेलंगाना में 119 विधानसभा सीटों पर मतदान 30 नवंबर, 2023 को हुआ। सभी पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के लिए हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आएंगे। बीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव एक बार फिर से कामारेड्‌डी और गजवेल दो सीटों से चुनावी मैदान में हैं। वहीं तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी की तरफ सीएम पद के दावेदार माने जा रहे रेवंत रेड्‌डी विकाराबाद जिले की सीट कोडंगल से चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में कुल 33 जिले हैं और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद है। तेलंगाना राज्य जून 2014 में अस्तित्व में आया था, जो देश का सबसे युवा राज्य है।

तेलंगाना चुनाव 2018 के एग्जिट पोल

तेलंगाना के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में केसीआर के नेतृत्व में बीआरएस सरकार के दोबारा सत्ता में आने का अनुमान जताया गया। टाइम्स नाउ-सीएनएक्स ने बीआरएस को 66 सीटें तो कांग्रेस को 37 सीटें दीं थीं। रिपब्लिक-जन की बात के अनुसार केसीआर की पार्टी को 58 सीटें तो कांग्रेस-टीडीपी गठबंधन को 45 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था।

तेलंगाना चुनाव 2018 के नतीजे जानें

तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 के नतीजों में तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब की भारतीय राष्ट्र समिति) ने प्रचंड जीत हासिल की थी। 119 सीटों पर हुए विधानसभा चुनावों में 99 सीटों पर बीआरएस ने जीत दर्ज की थी। जबकि प्रजा कुटमी ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की। तेलुगु देशम पार्टी ने 2 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 1 सीट, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने 7 सीटों, अन्य ने 1 सीट और निर्दलीय ने 1 सीट पर जीत दर्ज की थी।

तेलंगाना चुनावी मैदान में 2290 उम्मीदवार

119 सीटों के लिए हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में 2290 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस बार के चुनाव में कई दिलचस्पी सीटें हैं, जिनमें इनमें सीएम चंद्रशेखर राव, उनके बेटी केटी रामा राव, बीजेपी नेता बंदी संजय कुमार और कांग्रेस नेता ए रेवंत रेड्‌डी का नाम प्रमुख है। इस बार केसीआर दो सीटों कामारेड्‌डी और गजवेल से मैदान में हैं। केसीआर के बेटे कल्वाकुंतला तारक राम राव (KTR) सिरसिला सीट से चुनाव लड़े हैं। AIMIM के नेता असुदद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी चंद्रायनगुट्टा सीट से चुनावी मैदान में हैं।

आप यहां भी देख सकते हैं एग्जिट पोल के नतीजे

आप टीवी के साथ-साथ 5 राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम) चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे टाइम्स नाउ नवभारत के यूट्यूब (https://www.youtube.com/@timesnownavbharat) और वेबसाइट (https://www.timesnowhindi.com/) दोनों पर देख सकते हैं, साथ ही ट्विटर (https://twitter.com/TNNavbharat) पर आप पल-पल की अपडेट पा सकते हैं। अंग्रेजी में एग्जिट पोल के नतीजों के लिए आप (https://www.timesnownews.com/) पर विजिट कर सकते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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