Kundarki UP By Election Result: उत्तर प्रदेश उपचुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन बहुत बेहतर रहा है, यहां की कुंदरकी सीट को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कैसे मुस्लिम आबादी की बहुतायत होते हुए भी भाजपा प्रत्याशी एक लाख से भी अधिक वोटों से जीत रहा है, जानिए आखिर ऐसा कैसे हुआ।
'आजतक' की रिपोर्ट के मुताबिक कुंदरकी सीट पर बीजेपी ने अपना 31 साल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है इस बार बीजेपी के रामवीर सिंह एक लाख 31 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि सपा के हाजी रिजवान को करीब 20 हजार वोट मिले हैं।
बता दें कि यूपी के मुरादाबाद जिले में स्थित इस सीट पर 60 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम मतदाताओं की आबादी है इसके चलते मुस्लिम समुदाय इस विधानसभा सीट पर जीत हार में अहम रोल निभाता आ रहा है।
बता दें कि इस सीट पर 1993 में बीजेपी आखिरी बार जीती थी पर इस बार यहां आठ साल से भाजपा की सरकार में सक्रिय कार्यकर्ता बन लोगों की हर समय मदद करने वाले भाजपा उम्मीदवार रामवीर सिंह ठाकुर को मुस्लिम समुदाय के लोगों का भरपूर समर्थन मिला।
मुरादाबाद की कुंदरकी सीट पर भाजपा उम्मीदवार रामवीर सिंह ठाकुर और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हाजी रिजवान के बीच कड़ा मुकाबला दिखना चाहिए था पर ऐसा ना हुआ और इस सीट पर अभी तक समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को केवल 25 हजार वोट ही मिल सके हैं गौर हो कि यह सीट सपा का गढ़ मानी जाती रही है।
एक रामवीर सिंह को छोड़कर सभी मुस्लिम थे
'आजतक' की रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रामवीर सिंह का मुस्लिम टोपी पहनना काम कर गया, बता दें कि यहां पर कुल 12 प्रत्याशी थे , केवल एक रामवीर सिंह को छोड़कर सभी मुस्लिम थे पर मुस्लिम जनता ने उनमें से किसी को भी अपना नेता नहीं माना, यहां कि 60 परसेंट की मुस्लिम आबादी और कुल आबादी का 86 परसेंट वोट बीजेपी प्रत्याशी रामवीर सिंह को मिलना वाकई में मामले को अलग बनाता है।
क्या बीजेपी प्रत्याशी का मुस्लिम टोपी पहनना काम कर गया
वैसे रामवीर सिंह का परिवार बहुत पहले से ही मुसलमानों के बीच में बहुत लोकप्रिय था पर इसके पहले ऐसे तमाम उदाहरण हैं जब मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय लोगों ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और उन्हें मुस्लिम समुदाय ने नकार दिया तो आखिर इस बार ऐसा क्या हुआ? ऐसा भी नहीं है कि मुस्लिम वोट बंट गए हों।
बीजेपी उम्मीदवार रामवीर सिंह मुस्लिम समुदाय ने रुपये से तौला था
कुंदरकी से ऐसी खबरें आईं कि मुस्लिम जनता ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए उनकी वजन के बराबर रुपये से तौल दिया था वहीं इसके साथ ही अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने भी बहुत मेहनत की, बीजेपी ने तुर्क मुस्लिम बनाम राजपूत मुस्लिम वोटों को साधने का दांव चला, बासित अली मुस्लिम राजपूत हैं और ठाकुर रामवीर सिंह को उन्होंने अपना भाई बताकर मुस्लिम वोटों के बीच पैठ बनाई कुंदरकी में 40 हजार के करीब तुर्क मुसलमान हैं, जबकि 1 लाख 10 हजार के करीब अन्य मुस्लिम जातियां है।
क्या आपकी कीमत पट्टे के बराबर है?
कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी प्रत्य़ाशी ने ऐलान किया था कि कुत्ते के गले में भी पट्टा बांध देंगे तो भी सीट कुंदरकी जीत लेंगे इस बात को रामवीर सिंह ने मुद्दा बना लिया था वे इस विधानसभा सीट में रहने वाले मुस्लिमों और यादवों के घर गए उन्होंने उनसे कहा कि सपा की नजर में न तो आपके वोट की कीमत है और न ही आपकी, उन्होंने सवाल किया कि क्या आपकी कीमत पट्टे के बराबर है?
'बीजेपी मुस्लिमों को गले लगाए तो वो भी दो कदम आगे बढ़कर साथ निभाएंगे'
रामवीर सिंह का कहना है कि ये गंगा जमुनी तहजीब की जीत है हर जाति वर्ग के बंधन तोड़ने की जीत है फिलहाल जो भी है ये नई शुरुआत है, एनडीए गठबंधन को महाराष्ट्र में भी मुस्लिम वोट्स मिलता दिख रहा है कुंदरकी ने मैसेज दिया है कि भाजपा मुस्लिमों को गले लगाए तो वो भी दो कदम आगे बढ़कर साथ निभाएंगे ऐसा मैसेज कुंदरकी उपचुनाव से सामने आया है।
