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हरियाणा में दुष्यंत चौटाला और चंद्रशेखर आजाद के वाहन पर पथराव, पुलिस ने दर्ज किया मामला

Stone pelting on Dushyant Chautala Convoy: अधिकारियों ने बताया, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शिकायत में नामजद वरिष्ठ नागरिक से पूछताछ की जाएगी। दुष्यंत चौटाला व चंद्रशेखर आजाद के काफिले को कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया।

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चंद्रशेखर आजाद-दुष्यंत चौटाला।

Photo : BCCL

Stone pelting on Dushyant Chautala Convoy: हरियाणा के जींद जिले के उचाना विधानसभा क्षेत्र में बीती रात को चुनाव प्रचार के दौरान हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और उनके साथ मौजूद उत्तर प्रदेश से सांसद चंद्रशेखर आजाद की गाड़ी पर अज्ञात युवकों ने कथित रूप से पथराव कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त नेताओं का काफिला रुका हुआ था और सोमवार शाम को जब कथित घटना हुई, तब वाहन में कोई नहीं था। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए जा रहे चौटाला और आजाद की गाड़ी पर कुछ युवकों ने कथित रूप से पत्थर फेंके और ध्यान भटकाने के लिए धूल मिट्टी भी उड़ाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दुष्यंत चौटाला और पुलिस के बीच बहस भी हुई।

बता दें, उचाना विधानसभा सीट से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दुष्यंत चौटाला प्रत्याशी हैं और चंद्रशेखर उनके समर्थन में रोड शो करने आए थे। देर शाम को इनका काफिला उचाना कलां गांव पहुंचा था। सूचना मिलने पर उचाना के थाना प्रभारी (एसएचओ) पवन कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वाहन पर खरोंच के निशान थे और पथराव में चंद्रशेखर की गाड़ी के पिछले हिस्से का शीशा टूट गया था।

बीच में ही रोका गया रोड-शो

पुलिस के अनुसार, सोमवार को चुनाव प्रचार के दौरान 74 वर्षीय उचाना निवासी एक व्यक्ति और दुष्यंत के बीच उस समय बहस हो गई थी जब दुष्यंत ने उनसे कुछ सवाल पूछे थे। इस दौरान मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी के साथ भी दुष्यंत की बहस हुई। विवाद बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। रोड शो को वहीं रोक दिया गया और दुष्यंत व चंद्रशेखर भी वाहन से उतर कर कार्यकर्ताओं के बीच आ गए। बताया जाता है कि दुष्यंत चौटाला ने एसएचओ से हमलावरों को गिरफ्तार करने को कहा, जिस पर एसएचओ ने प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही। इस पर चौटाला ने कथित तौर पर कहा कि एसएचओ के पास कार्रवाई के लिए एक घंटे का समय है। इस दौरान वहां भीड़ एकत्र हो गई। बाद में चंद्रशेखर दूसरी कार से वहां से रवाना हुए।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

एसएचओ ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शिकायत में नामजद वरिष्ठ नागरिक से पूछताछ की जाएगी। दुष्यंत चौटाला व चंद्रशेखर आजाद के काफिले को कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। पूर्व सांसद अजय सिंह चौटाला के नेतृत्व वाली जजपा और चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पांच अक्टूबर को होने वाला हरियाणा विधानसभा चुनाव गठबंधन के तहत लड़ रही हैं। जजपा ने दो दिन पहले ही हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर उचाना में अर्द्धसैनिक बल तैनात करने की मांग की थी। पार्टी ने विपक्षी दल के प्रत्याशी द्वारा हंगामे की आशंका जताई थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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