Madhya Pradesh Assembly Election 2023 : कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के 'नाटक-नौटंकी' वाले बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है। सीएम चौहान ने मंगलवार को कहा कि 'नाटक-नौटंकी' वाले दिग्विजिय सिंह के बयान से उन्हें बहुत पीड़ा हुई है। चौहान ने दिग्गी राजा पर निशाना साधते हुए कहा कि बहन-बेटियों को 'टंच माल और आइटम' कहने वाले लोग उनकी पूजा नहीं कर सकते। शिवराज ने कांग्रेस से दिग्विजिय सिंह के बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि वह सीएम के बारे में बात नहीं करते। उनसे बड़ा नाटक-नौटंकी करने वाला व्यक्ति उन्होंने नहीं देखा, अब तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे खतरा महसूस करते हैं।
'बेटियों की पूजा और सम्मान सहन नहीं कर पाते'
इस बयान पर पलटवार करते हुए शिवराज ने मंगलवार को कहा, 'दिग्विजय सिंह के इस बयान से मुझे बहुत दर्द और पीड़ा है। बेटियों की पूजा सनातन संस्कार है। पूरा देश कल बेटियों की पूजा कर रहा था। बेटियों की पूजा की जाती है। कन्या भोज किए जा रहे थे। मैंने अपने बेटियों की पूजा की। मैं रोज बेटियों की पूजा करता हूं। बेटियों की पूजा को नाटक और नौटंकी कहते हैं। आप जैसे घटिया सोच वाले बेटियों की पूजा और सम्मान सहन नहीं कर पाते। ये आपके संस्कार होंगे। बहन और बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच पैदा करने के लिए मैं इनकी पूजा करता रहूंगा।'
कांग्रेस से रुख स्पष्ट करने के लिए कहा
भाजपा नेता ने आगे कहा कि 'इस तरह की पूजा करने के लिए नैतिक साहस चाहिए। पवित्र भाव वाले लोग ही बहनों एवं बेटियों की पूजा कर सकते हैं। बहन और बेटियों को टंच माल, आइटम कहने वाले बेटियों और बहनों की पूजा नहीं कर सकते। मैं मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या बेटी की पूजा नाटक-नौटंकी है। कांग्रेस को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। मैं बेटियों की पूजा करूंगा और आपकी घटिया सोच बदलकर रहूंगा।'
पता नहीं कैसे बातचीत पटरी से उतर गई-दिग्गी
दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि पार्टी में उनके सहयोगी कमल नाथ अगले महीने होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ "पूरी ईमानदारी" के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, लेकिन पता नहीं विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ’ के दोनों घटकों के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत कैसे पटरी से उतर गई। सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की उनके नेतृत्व के गुणों के लिए प्रशंसा की और मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ द्वारा उनके लिए शब्दों के चयन पर असहमति भी जताई। सिंह ने कहा कि उन्होंने कमलनाथ को सपा के लिए चार विधानसभा सीटें छोड़ने का सुझाव दिया था जबकि सपा आधा दर्जन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती थी।
