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शरद पवार की NCP ने जारी की 45 उम्मीदवारों की सूची, अजित पवार के खिलाफ युगेंद्र पवार को टिकट; देखें लिस्ट

Maharashtra Chunav: शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 45 उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाई गई है।

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शरद पवार।

NCP SP Candidates List: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए राकांपा (एसपी) ने 45 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली लिस्ट में जयंत पाटिल, अनिल देशमुख, राजेश टोपे समेत अन्य को टिकट दिया गया है।

अजित पवार के खिलाफ युगेंद्र पवार को टिकट

राकांपा (एसपी) ने पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के खिलाफ युगेंद्र पवार को मैदान में उतारा है।

45 प्रत्याशियों की अपनी पहली सूची जारी

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव के लिए 45 प्रत्याशियों की अपनी पहली सूची जारी की जिसमें बारामती सीट से युगेंद्र पवार को उम्मीदवार बनाया गया है। युगेंद्र इस सीट पर अपने चाचा एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को चुनौती देंगे। युगेंद्र अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास के पुत्र हैं।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के तहत 20 नवंबर को मतदान होगा जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी। राकांपा (एसपी) की सूची में शामिल अन्य लोगों में पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल (इस्लामपुर), जितेंद्र अव्हाड (मुंब्रा-कलवा), अनिल देशमुख (काटोल), हर्षवर्द्धन पाटिल (इंदापुर) और दिवंगत आर आर पाटिल के बेटे रोहित पाटिल (तासगांव-कवथेमहांकल) का नाम शामिल हैं। रोहित पाटिल पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।

शरद पवार खेमे की याचिका पर अजित पवार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न के उपयोग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शरद पवार नीत खेमे की याचिका पर बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने उपमुख्यमंत्री और अन्य को नोटिस जारी किए तथा याचिका पर उनका जवाब मांगा। शीर्ष अदालत ने अजित पवार को न्यायालय के 19 मार्च और 24 अप्रैल के निर्देशों को लेकर एक नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने अजित पवार को निर्देश दिया कि वह 19 मार्च और 24 अप्रैल को दिए गए उसके निर्देशों को लेकर एक नया हलफनामा दाखिल करें, जिसमें कहा जाए कि ‘राकांपा’ का ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न न्यायालय में विचाराधीन है और राज्य विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान भी इस बात का सावधानीपूर्वक अनुपालन किया जा रहा है। शीर्ष अदालत शरद पवार नीत खेमे की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें दावा किया गया है कि न्यायालय के आदेश का अजित पवार समूह द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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