इलेक्शन

Maharashtra Election: शरद पवार ने कसी कमर, विधानसभा चुनावों के लिए बनाई ये रणनीति

Sharad Pawar on Maharashtra Election राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस साल के अंत में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहने का सोमवार को आह्वान किया और चुनावों के बाद राज्य की सत्ता पार्टी के हाथों में आने का भरोसा जताया।

Image

महाराष्ट्र चुनाव के लिए क्या है शरद पवार का प्लान?

Photo : Times Now Digital

Maharashtra Assembly Election 2024: लोकसभा चुनाव में भाजपा को महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और राजस्थान में भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इसी बीच एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने आगामी महाराष्ट्र चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है।

शरद पवार ने विधानसभा चुनावों के लिए बनाई रणनीति

राजनीति में राज करने के लिए सबसे सटीक नीति का इस्तेमाल करने वाले को ही राजनीति का चाणक्य कहते हैं। महाराष्ट्र की सियासत में शरद पवार बार-बार ये साबित करते रहे हैं कि उनसे उलझना आसान नहीं है। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने जिस तरह भाजपा को पटखनी देने के लिए कांग्रेस और शिवसेना को जोड़ा और महा विकास अघाड़ी का गठन किया, वो झटका भाजपा शायद ही भूल पाई होगी। शरद पवार ने लोकसभा चुनाव 2024 में ये दिखाया कि वो अभी बूढ़े नहीं हुए हैं, वे इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए भी पूरी तरह चौकस हैं।

पार्टी कार्यकर्ताओं को शरद पवार ने दिया ये मंत्र

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस साल के अंत में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहने का सोमवार को आह्वान किया और चुनावों के बाद राज्य की सत्ता पार्टी के हाथों में आने का भरोसा जताया। पवार ने पार्टी कार्यालय में आयोजित राकांपा के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

10 सीट पर लड़ा चुनाव, 8 पर हासिल की जीत

राकांपा-एसपी ने 2024 के आम चुनावों में विपक्षी गठबंधन के रूप में महाराष्ट्र से लोकसभा की 10 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से आठ पर उसकी जीत हुई। पवार ने अपनी बेटी एवं बारामती से राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में अपनी पार्टी का झंडा फहराया।

विधानसभा चुनाव के लिए क्या बोले शरद पवार

राकांपा संस्थापक ने कहा, 'पिछले 25 साल में हमने पार्टी की विचारधारा को फैलाने की दिशा में काम किया है और आइए, इसे आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें। अगले तीन महीनों में राज्य विधानसभा चुनाव होंगे और इसके लिए काम करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि चुनावों के बाद राज्य की सत्ता आपके हाथों में होगी।'

चाचा की पार्टी में भतीजे अजित पावर ने डाली फूट

पवार ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया था। पिछले साल जुलाई में अजित पवार और कुछ अन्य विधायकों के राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने के बाद राकांपा में विभाजन हो गया था।

निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष फरवरी में अजित पवार गुट को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी घोषित किया था और इस गुट को राकांपा का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ आवंटित किया था। शरद पवार की पार्टी राकांपा (एसपी) को बाद में 'तुरही बजाते व्यक्ति' का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article