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'हमने अपना रिमोट कंट्रोल नहीं दिया इसलिए आप नाराज हैं...' पीएम मोदी के बयान पर संजय राउत का पलटवार

Maharashtra Assembly Election: मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि महाविकास अघाड़ी की एक पार्टी ने अपना रिमोट कंट्रोल कांग्रेस के हाथ में दे दिया। अब संजय राउत ने इस पर पलटवार किया है।

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संजय राउत।

Photo : ANI

Maharashtra Assembly Election: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार किया है। शुक्रवार को उन्होंने कहा, महाराष्ट्र की जनता प्रधानमंत्री के बयान पर भरोसा नहीं करती। यह महाविकास अघाड़ी है। हम तीनों साथ हैं और महाराष्ट्र में आपसे ज्यादा सुरक्षित हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर पीएम मोदी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता तय करेगी कि किसका रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है।

दरअसल, मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि महाविकास अघाड़ी की एक पार्टी ने अपना रिमोट कंट्रोल कांग्रेस के हाथ में दे दिया। उनका इशारा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की तरफ था। इस पर संजय राउत ने कहा कि शिवसेना तोड़कर आपने जो अलग गुट बनाया है, उसका कंट्रोल आपके हाथ में होगा, लेकिन हमने अपना रिमोर्ट कंट्रोल भाजपा के हाथ में नहीं दिया, इसलिए पीएम मोदी नाराज हैं।

एकनाथ शिंदे नहीं बनेंगे सीएम

संजय राउत ने कहा, जहां तक महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की बात है तो मैंने पहले भी कहा है कि 23 नवंबर के बाद महायुति नहीं रहेगी क्योंकि कोई सीएम नहीं होगा। उन्होंने कहा, वे एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे। उन्हें विपक्ष के नेता का पद भी नहीं दिया जाएगा, क्योंकि एकनाथ शिंदे और अजित पवार से भाजपा का काम निकल चुका है। राउत ने कहा, चुनाव के बाद हम सरकार बना रहे हैं। महायुति को बहुमत नहीं मिलेगा।

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि मुंबई आत्मसम्मान का शहर है, लेकिन महाविकास आघाड़ी में शामिल एक पार्टी ने इसका रिमोट कंट्रोल उन लोगों को सौंप दिया है जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे का अपमान किया था। मोदी ने कहा, इसलिए मैंने उन्हें चुनौती दी कि वे कांग्रेस से बालासाहेब ठाकरे की प्रशंसा करवाएं। आज तक ये लोग कांग्रेस और कांग्रेस के शहजादे से बालासाहेब की प्रशंसा नहीं करवा पाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए बेताब है और यह पार्टी जल बिन मछली की तरह है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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