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यूपी की सत्ता में साल 2047 तक सपा के आने की संभावना नहीं; केशव प्रसाद मौर्य ने की ये भविष्यवाणी

UP Politics: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर तीखा तंज कसते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के लिए भविष्यवाणी करते हुए ये कहा है कि सपा के 2047 तक सत्ता में आने की संभावना नहीं है। आपको बताते हैं, उन्होंने क्या कुछ कहा।

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केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर कसा तीखा तंज।

Keshav Prasad Maurya vs Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के शानदार प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए दावा किया कि सपा के 2047 तक सत्ता में आने की संभावना नहीं है। राज्य की नौ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन सात और सपा दो सीट पर विजयी रही।

अखिलेश की सपा को भाजपा ने उपचुनाव में दी करारी शिकस्त

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की नौ सीट पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) ने सीसामऊ एवं करहल सीट जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गाजियाबाद, खैर, फूलपुर, मझवां, कटेहरी और कुंदरकी में जीत दर्ज की। भाजपा की सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने मीरापुर सीट पर जीत हासिल की।

अखिलेश पर लगाया पिछड़ों और दलितों को गुमराह करने का आरोप

केशव मौर्य ने सपा के नारे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर रविवार को लिखा, 'सपा का फर्जी पीडीए (परिवार डबलपमेंट एजेंसी) उपचुनाव में धराशायी। नौ सीट पर जीत का दावा करने वाले अब गिनती नहीं बता पा रहे।' उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि उसने लोकसभा 2019 में बसपा (बहुजन समाज पार्टी), 2024 में कांग्रेस से गठबंधन कर पिछड़ों और दलितों को गुमराह किया, परंतु जनता ने सपा को सिरे से नकार दिया।

डिप्टी सीएम मौर्य ने करहल और सीसामऊ में भी भविष्य में जीत हासिल का दावा करते हुए कहा, 'करहल से सीसामऊ तक सपा के गढ़ भी ढहेंगे और भाजपा के सुशासन का कमल खिलेगा।' मौर्य ने कहा, '2027 में हम 2017 दोहरायेंगे और एक बार फिर 300 पार के लक्ष्य के साथ नयी इबारत लिखेंगे। एक हैं तो ‘सेफ’ हैं! मोदी जी के नेतृत्व में देश भी ‘सेफ’ (सुरक्षित), विकास भी ‘सेफ’।'

उन्होंनेने कहा, 'अखिलेश जी, 2027 तो छोड़िए, 2047 तक इंतजार कीजिए, फिर भी सपा के सत्ता में आने की उम्मीद नहीं।' सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान दावा किया था कि सपा सभी नौ सीट जीतेगी और 2027 में उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया हो जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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