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बिहार चुनाव में 'MY' समीकरण फिर बना RJD का 'ट्रंप कार्ड', 36 विधायकों के टिकट कटे, नए चेहरों को भी मौका

राजद ने वोट बैंक को साधने के लिए नए जातिगत समीकरण बिठाए हैं और मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं। राजद ने इस बार 36 विधायकों का टिकट काटा है। नए चेहरों और कद्दावर नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है। पार्टी में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए तेजस्वी ने युवा चेहरों को भी मौका दिया है।

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बिहार में विधानसभा की 243 सीटों पर हो रहा चुनाव। तस्वीर-पीटीआई

Photo : PTI

Bihar Assembly Election 2025: महागठबंधन में सीट बंटवारे पर घमासान और महागठबंधन के दलों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से यह चुनाव काफी रोचक और दिलचस्प हो गया है। महागठबंधन की अगुवाई करने वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जो कि पिछले चुनाव से एक सीट कम है। 2020 में राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बिहार के वोट बैंक की राजनीति और चुनावी समीणकरण को देखते हुए एनडीए का मुख्य मुकाबला राजद से ही है। अपने वोट बैंक पर पकड़ कायम रखने के लिए राजद ने अपने पुराने फॉर्मूले 'M-Y' (मुस्लिम-यादव) समीकरण पर इस बार भी भरोसा जताते हुए टिकट बंटवारे में उसे प्रमुखता दी है।

साथ ही राजद ने वोट बैंक को साधने के लिए नए जातिगत समीकरण बिठाए हैं और मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं। राजद ने इस बार 36 विधायकों का टिकट काटा है। नए चेहरों और कद्दावर नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है। पार्टी में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए तेजस्वी ने युवा चेहरों को भी मौका दिया है। इसमें राजद के युवा इकाई के अध्यक्ष राजेश यादव भी शामिल हैं। राजेश को दिनारा के मौजूदा विधायक की जगह टिकट दिया है।

35 उम्मीदवार यादव, 18 मुस्लिम

राजद के उम्मीदवारों को देखें तो इनमें 35 से ज्यादा उम्मीदवार ओबीसी के यादव जाति से हैं जबकि 18 मुस्लिमों को टिकट दिया है। इसे मुस्लिम और यादव वोटरों को एकजुट रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा राजद ने अनुसूचित जाति से 20 उम्मीदवारों और अनुसूचित जाति से एक प्रत्याशी को टिकट दिया है। खास बात यह है कि राजद की ओर से इस बार 24 महिलाओं को भी टिकट दिया गया है। सीमांचल क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए पार्टी ने अपने दिवंगत नेता तस्लीमुद्दीन के बेटे शाहनवाज आलम को जोकीहाट से टिकट दिया है। पहले यह सीट एआईएमआईएम के पास थी। यही नहीं राजद ने सिवान के बाहूबली नेता मोहम्मद शाहबुद्दीन के बेटे ओसामा साहब को रघुनाथपुर से उम्मीदवार बनाया है। यहां से उसने इस बार मौजूदा विधायक हरिशंकर यादव का टिकट काट दिया है।

दिग्गजों को भी दिया टिकट

राजद के अन्य उम्मीदवारों में विधानसभा के पूर्व स्पीकर अविध बिहारी चौधरी को सिवान से, बांका के पूर्व सांसद जय प्रकाश नारायण यादव को झाझा से, पूर्व सांसद एमएए फातमी के बेटे फराज फातमी के केवटी से, पूर्व सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के पुत्र मोहम्मद सलाहुद्दीन को सिमरी बख्तियारपुर से प्रत्याशी बनाया गया है। तो लालू यादव के सहयोगियों भोला यादव बहादुरपुर सीट से, शक्ति सिन्हा को हिल्सा से, सैयर अबू दोजाना को सुरसंड से टिकट मिला है।

हसनपुर से माला पुष्पम उम्मीदवार

वहीं, विधानसभा के पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी को सिकंदरा सीट से, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी को शाहपुर से टिकट दिया गया है। जद-यू के पूर्व नेता संतोष कुशवाहा को धमदाहा से टिकट मिला है। धमदाहा सीट से जद-यू की मंत्री लेशी सिंह उम्मीदवार हैं। राजद ने बड़ा बदलाव करते हुए जहानाबाद से विधायक सुदय यादव को कुर्था सीट से उतारा है और हसनपुर से तेज प्रताप यादव की जगह माला पुष्पम को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा 2022 के विश्वास मत के दौरान एनडीए के पक्ष में मतदान करने वाले नेताओं चेतन आनंद, नीलम देवी, प्रह्लाद यादव, विभा देवी, संगीता देवी और प्रकाश वीर को इस बार टिकट नहीं दिया गया है।

राघोपुर सीट से खुद उम्मीदवार हैं तेजस्वी यादव

आरजेडी के प्रमुख चेहरे और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इस बार भी राघोपुर सीट से उम्मीदवार हैं। राजद ने इस बार अपने 41 मौजूदा विधायकों पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है। इनमें आलोक मेहता, पूर्व मंत्री चंद्र शेखर, यूसुफ सलाहुद्दीन और चंद्रहास चौपाल प्रमुख रूप से शामिल हैं। बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में छह नवंबर और 11 नवंबर को होगा जबकि चुनाव नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे।

सीट बंटवारे पर महागठबंधन में मतभेद सामने आया

सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस, राजद और वामदलों के बीच जारी आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आ गया है। महागठबंधन के घटक दल राज्य की कम से कम 11 विधानसभा सीट पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते दिखेंगे। राजद और कांग्रेस नेताओं के अनुसार जिन विधानसभा क्षेत्रों में विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं, उनमें नरकटियागंज, वैशाली, राजापाकर, रोसड़ा, बछवाड़ा, कहलगांव, बिहारशरीफ, करगहर, गौड़ाबोराम, चैनपुर और सिकंदरा शामिल हैं। कांग्रेस इस बार 61 सीट पर चुनाव लड़ रही है जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में नौ सीट कम हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नौ सीट पर, भाकपा (माले) 20 सीट पर और भाकपा (मार्क्सवादी) चार सीट पर चुनाव लड़ रही है।

इन सीटों पर कांग्रेस-राजद के बीच मुकाबला

नरकटियागंज सीट पर कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय का मुकाबला राजद के दीपक यादव से होगा, जबकि वैशाली में कांग्रेस के संजीव सिंह और राजद के अजय कुमार कुशवाहा आमने-सामने हैं। राजापाकर में कांग्रेस की प्रतिमा कुमारी दास का सामना भाकपा के मोहित पासवान से होगा, वहीं बछवाड़ा में कांग्रेस के शिव प्रकाश गरीब दास और भाकपा के अभदेश कुमार राय के बीच सीधी टक्कर है। बिहारशरीफ सीट पर कांग्रेस के उमैर खान और भाकपा के शिव कुमार यादव के बीच मुकाबला रहेगा जबकि गौड़ाबोराम सीट पर राजद के अफजल अली खान और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संतोष मांझी आमने सामने हैं। वहीं, बाबूबरही में वीआईपी की बिंदु गुलाब यादव और राजद के अरुण कुशवाहा, चैनपुर में राजद के बृजकिशोर बिंद और वीआईपी के बाल गोविंद बिंद के साथ साथ करगहर में भाकपा के महेंद्र गुप्ता और कांग्रेस के संतोष मिश्रा आमने सामने चुनाव मैदान में हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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