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कब होंगे महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव? आयोग ने शुरू की तैयारियां

Assembly Election 2024: हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी साल इन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य 1 जुलाई से शुरू होगा। भारतीय निर्वाचन आयोग चुनाव से जुड़ी तैयारियों में जुट गया है।

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किन राज्यों में इस वर्ष होने हैं विधानसभा चुनाव।

Assembly Elections Preparations: निर्वाचन आयोग ने हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों की तैयारी आरंभ कर दी है। इन विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य 1 जुलाई, 2024 को शुरू हो रहा है। इन तीनों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच समाप्त होने जा रहा है। इसी कारण यहां विधानसभा के चुनाव उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले कराए जाने आवश्यक हैं।

परिसीमन के बाद जम्मू-कश्मीर में पहला विधानसभा चुनाव

निर्वाचन आयोग के मुताबिक इसके अतिरिक्त, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद एक नए सदन के गठन के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधानसभा के लिए आम चुनाव भी कराए जाने हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर के लोगों की भारी भागीदारी को देखते हुए आयोग ने 1 जुलाई 2024 को अर्हक तिथि मानते हुए मतदाता सूचियों को अपडेट करने के भी निर्देश दिए हैं।

मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने का फैसला

आयोग ने सभी पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में नामांकन व चुनावों में मतदान के लिए हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र तथा संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए बूथ स्तर के अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। गैर-नामांकित पात्र नागरिक को मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।

प्रदेशों के सीईओ को निर्वाचन आयोग ने दिया ये निर्देश

आयोग मतदान केंद्रों के विवेकीकरण के लिए भी प्रयास कर रहा है। इससे मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों को और भी छोटी बस्तियों के करीब लाया जा सकेगा। आयोग ने प्रदेशों के सीईओ को मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के चल रहे अभ्यास के दौरान व्यापक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। ताकि उन शहरी क्षेत्रों की पहचान की जा सके, जहां ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियां और ऊंची आवासीय इमारतें स्थित हैं। मतदाता सूची में विसंगतियों को दूर किया जाएगा।

मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए नागरिक

आयोग के मुताबिक कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने के अपने अधिकार से वंचित न रहे, इसकी कोशिश की जा रही है। आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि यदि अभी तक उनका नाम दर्ज नहीं हुआ है, तो वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आएं और आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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