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Poll of Polls 2023: किसके हाथ आएगा छत्तीसगढ़ और तेलंगाना, क्या राजस्थान में खिलेगा कमल? जानें क्या कहता है पोल ऑफ पोल्स

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 30, 2023, 10:36 PM IST

Rajasthan MP CG Telangana Mizoram Election Exit Poll 2023 BJP-Congress Seats Prediction: एग्जिट पोल के पोल ऑफ पोल्स ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया है कि किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती दिख रही हैं। हालांकि, सही नतीजे 3 दिसंबर को सामने आएंगे...

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किस राज्य में किसकी बन रही सरकार?

Photo : Times Now Digital

Rajasthan MP CG Telangana Mizoram Election Exit Poll 2023 BJP-Congress Seats Prediction: तेलंगाना में मतदान सम्पन्न होने के साथ ही पांचों चुनावी राज्यों के एग्जिट पोल भी जारी हो गए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के एग्जिट पोल में काफी हद तक साफ हो गया है कि कहां किस पार्टी की सरकार बन रही है। राजस्थान में एक बार फिर सत्ता में परिवर्तन होते दिख रहा है तो तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को खुशखबरी मिली है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और मिजोरम में पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है।

किस एजेंसी के एग्जिट पोल के आंकड़े सटीक रहे और किसका अनुमान सही साबित नहीं हुआ, यह तो 3 दिसंबर को पांचों चुनावी राज्यों के नतीजे जारी होने के बाद ही साफ होगा। हालांकि, एग्जिट पोल के पोल ऑफ पोल्स ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया है कि किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती दिख रही हैं।

आगे देखिए पांचों राज्यों में पोल ऑफ पोस्ट के नतीजे...

सबसे पहले राजस्थान का हाल

राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा रही है। इस बार के एग्जिट पोल में भी राज्य में यही परंपरा बरकरार रहती दिख रही है। ज्यादातर एजेंसियों ने राजस्थान में भाजपा सरकार को बहुमत दिया है।

सीट - 199/200

बहुमत का आंकड़ा- 101

पार्टी सीट
कांग्रेस 82
भाजपा 105
अन्य 12

मध्य प्रदेश में क्या रहा वोटरों का रुख

मध्य प्रदेश की 230 सीटों पर हुए मतदान के बाद एग्जिट पोल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही थी। एग्जिट पोल में कुछ ऐसा ही हाल दिख रहा है। हालांकि, एग्जिट पोल का सार देखें तों यहां भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

सीटें - 230

बहुमत का आंकड़ा - 116

पार्टी सीट
भाजपा 126
कांग्रेस 100
अन्य 4

छत्तीसगढ़ में भाजपा या कांग्रेस की सरकार?

छत्तीसगढ़ की 90 सीटों पर हुए मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल के आंकड़ों में एक बार फिर से कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। कांग्रेस यहां बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है।

सीट- 90

बहुमत का आंकड़ा- 46

पार्टी सीट
कांग्रेस 49
भाजपा 38
अन्य 8

तेलंगाना का क्या रहा हाल

तेलंगाना के विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी के लिए खुशखबरी लाते हुए दिख रहे हैं। चुनाव बाद जारी अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल के आंकड़ों में यहां कांग्रेस को बहुमत मिल रहा है। वहीं केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस की सीटें कम हो रही हैं।

सीट - 119

बहुमत का आंकड़ा - 61

पार्टी सीट
बीआरएस 44
कांग्रेस 62
अन्य 13

मिजोरम में जारी रहेगा सस्पेंस

मिजोरम की 40 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के बाद जारी एग्जिट पोल में राज्य में किसी पार्टी की सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलते दिख रहा है। यहां त्रिशंकु विधानसभा बनने के आसार हैं।

सीट - 40

बहुमत का आंकड़ा - 21

(नोट- मिजोरम का पोल ऑफ पोल्स गुरुवार को जारी नहीं किया गया। यह अगली करवेज में प्रसारित किया जाएगा।)

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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