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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए क्या है शरद पवार की तैयारी? कर दिया ये बड़ा दावा

Sharad Pawar on Maharashtra Elections: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक का दौर तेज हो चुका है। इस बीच शरद पवार ने दावा किया है कि सूबे की जनता ने सरकार बदलने का मूड बना लिया है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र की जनता राजनीतिक परिवर्तन के लिए उत्सुक है। आपको बताते हैं कि शरद पवार ने क्या कुछ कहा।

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महाराष्ट्र चुनाव के लिए क्या है शरद पवार की तैयारी?

Sharad Pawar Plan for Maharashtra Chunav: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के लोग राजनीतिक बदलाव के लिए उत्सुक हैं और उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों में यह भावना प्रतिबिंबित होगी। महा विकास आघाडी (एमवीए) के अन्य घटकों के नेताओं के साथ यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार ने दावा किया कि महायुति शासन के तहत राज्य प्रशासन का मनोबल गिर गया है जबकि महाराष्ट्र प्रशासन को देश में सर्वश्रेष्ठ माना जाता था।

'लोगों को वर्तमान सरकार से मुक्ति दिलाना चाहते हैं हम'

शरद पवार ने कहा, 'हम लोगों को वर्तमान सरकार से मुक्ति दिलाना चाहते हैं और मुझे विश्वास है कि वे हमारा समर्थन करेंगे।' उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में एमवीए लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन दोहराएगा। महायुति में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजित पवार नीत राकांपा शामिल हैं। शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि हाल में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के वोट प्रतिशत में केवल 0.6 प्रतिशत का अंतर है, फिर भी भाजपा को अधिक सीट मिलीं।

उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव परिणाम पर चर्चा क्यों नहीं की जाती? अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद, पार्टी (भाजपा) को वहां के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करनी चाहिए थी।'

पीएम मोदी की टिप्पणी पर शरद पवार ने दिखाई नाराजगी

पवार ने महाराष्ट्र में हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें मोदी ने कहा था कि कांग्रेस ने बंजारा समुदाय के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, 'वह (मोदी) भूल जाते हैं कि इस समुदाय से ताल्लुक रखने वाले वसंतराव नाइक सबसे लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।' कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि राज्य के लोग कभी भी किसी प्रधानमंत्री द्वारा आधिकारिक समारोहों में राजनीतिक भाषण देना स्वीकार नहीं करेंगे।

पवार ने कहा कि महाराष्ट्र का प्रशासन देश में सबसे अच्छा था। उन्होंने दावा किया, 'अब यह हतोत्साहित हो चुका है। हाल ही में जिस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं, वे आम आदमी का मजाक उड़ाने जैसा है।' पवार ने कहा, 'हम लोगों को इस सरकार से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि लोग हमारा समर्थन करेंगे।'

बाबा सिद्दीकी की हत्या को लेकर क्या बोले उद्धव ठाकरे?

ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के हर कदम को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है, जैसे कि राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में की गई दो गिरफ्तारियां और यहां तक कि बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस मुठभेड़ में मौत होना। ठाकरे ने दावा किया कि मुंबई में 'दो पुलिस आयुक्त' हैं, लेकिन फिर भी शहर में अपराध की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है।

एमवीए की ओर से कौन होगा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार?

आगामी राज्य विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर एक सवाल के जवाब में ठाकरे ने कहा कि चुनाव में विपक्षी गठबंधन और सत्तारूढ़ महायुति के बीच मुकाबला होगा। उन्होंने कहा, 'महायुति को अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने दें, एमवीए भी उसका अनुसरण करेगा।' पवार और पटोले ने कहा कि ठाकरे ने एमवीए की स्थिति स्पष्ट कर दी है। पटोले ने कहा, 'हमारा उद्देश्य सरकार को हराना है, न कि मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करना।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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