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MP Exit Poll: बुंदेलखंड, महाकौशल और विंध्य... हर चुनावी क्षेत्र में कांटेदार मुकाबला, फिर भी सत्ता में लौट सकती है भाजपा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 1, 2023, 10:05 AM IST

MP Exit Poll: पांचों चुनावी राज्यों में सबसे ज्यादा हैरान करने वाले एग्जिट पोल मध्य प्रदेश के ही हैं। यहां सत्ता को लेकर अभी भी कड़ा मुकाबला दिख रहा है। एग्जिट पोल सामने आने के बाद चुनावी पंडित भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं।

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मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल

Photo : Times Now Digital

MP Exit Poll: मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के बाद एग्जिट पोल सामने आ चुके हैं। हालांकि, एमपी के एग्जिट पोल्स में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटेदार मुकाबला दिखाया गया है। 10 में से 4 सर्वे में भाजपा बढ़त में है तो तीन में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। हालांकि, तीन एग्जिट पोल ऐसे हैं, जिनमें दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

पांचों चुनावी राज्यों में सबसे ज्यादा हैरान करने वाले एग्जिट पोल मध्य प्रदेश के ही हैं। यहां सत्ता को लेकर अभी भी कड़ा मुकाबला दिख रहा है। एग्जिट पोल सामने आने के बाद चुनावी पंडित भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। हालांकि, फिर भी यह जरूर कहा जा रहा है कि भाजपा यहां एक बार फिर से सरकार बना सकती है। जबकि, उसे राज्य में हर चुनावी क्षेत्र में कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है।

पहले 10 एग्जिट पोल पर नजर डालिए-

सर्वे एजेंसी भाजपा कांग्रेस
टाइम्स नाउ-ईटीजी 105-117109-125
जन की बात 100-123102-125
रिपब्लिक- मैट्रिज118-13097-107
टीवी 9- पोलस्ट्रैट106-116111-121
न्यूज 24- टुडेज चाणक्या15174
इंडिया टीवी- सीएनएक्स140-15970-89
आज तक- एक्सिस माय इंडिया140-16268-90
एबीपी-सी वोटर88-112113-137
रिपब्लिक- पी मार्क103-122103-122
दैनिक भास्कर95-115105-120

हर चुनावी क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर

ग्वालियर क्षेत्र - 34 सीटें
पार्टी202320182013
कांग्रेस18-202612
बीजेपी13-150720
अन्य0-10102
बुंलदेखंड - 26 सीटें
पार्टी202320182013
कांग्रेस11-131006
बीजेपी12-141420
अन्य0-10200
महाकौशल - 38 सीटें
पार्टी202320182013
कांग्रेस19-222413
बीजेपी17-191324
अन्य0-10101
विंध्य - 30 सीटें
पार्टी202320182013
कांग्रेस13-150612
बीजेपी14-162416
अन्य0-10002
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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