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MP Exit Poll 2023: 'मैं एग्जिट पोल पर नहीं करती भरोसा', नतीजों से पहले आया उमा भारती का बड़ा बयान

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  • Updated Nov 30, 2023, 08:11 PM IST

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि मैं चाहती हूं कि मेरी पार्टी मध्य प्रदेश में सरकार बनाये। मैं एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करती।

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उमा भारती ने एग्जिट पोल पर कही ये बढ़ी बात

Photo : Twitter

MP Exit Poll 2023: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करतीं। तेलंगाना में मतदान समाप्त होने के बाद शाम को पांच राज्यों के एग्जिट पोल प्रसारित किए गए। इन पांच राज्यों में सात नवंबर (मिजोरम और पहला चरण छत्तीसगढ़), 17 नवंबर (मध्य प्रदेश), 25 नवंबर (राजस्थान) और 30 नवंबर (तेलंगाना) में विधानसभा चुनाव हुए हैं।

मेरी पार्टी मध्य प्रदेश में बनाये सरकार: उमा भारती

उमा भारती ने संवाददाताओं से कहा, ''मैं चाहती हूं कि मेरी पार्टी मध्य प्रदेश में सरकार बनाये। मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बहुत सम्मान करती हूं।'' एग्जिट पोल के बारे में पूछे जाने पर भारती ने कहा कि वह उन पर भरोसा नहीं करतीं।

उमा भारती ने दावा किया कि वे भविष्यवाणी करते हैं कि एक पार्टी 112 से 130 सीटें (मध्य प्रदेश की 230 सीटों में से) के बीच जीतेगी। अब, अगर उस पार्टी को 112 सीटें मिलती हैं और चुनाव हार जाती है, तो एग्जिट पोल करने वालों का दावा है कि वे सही साबित हुए हैं। लेकिन अगर उस पार्टी को 120 सीटें मिलती हैं और वह जीतती है, तो एग्जिट पोल का दावा है कि उनकी भविष्यवाणी सही थी।"

बीजेपी हर सीट जीतने के लिए लड़ती हैं चुनाव: उमा भारती

उमा भारती ने कहा कि इसलिए एग्जिट पोल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मैं उन पर भरोसा नहीं करती। उन्होंने कहा, नवंबर 2020 में बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल की सरकार बनने के बारे में एग्जिट पोल की भविष्यवाणी गलत साबित हुई। जब उनसे पूछा गया कि भाजपा कितनी सीटें जीतेगी तो उन्होंने कहा कि पार्टी हर सीट जीतने के लिए चुनाव लड़ती है।

दिसंबर 2018 और मार्च 2020 के बीच 15 महीने की अवधि में कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व किया था। मार्च 2020 में कांग्रेस की सरकार गिर गई और चौहान के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में वापस आ गई। 2018 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने 114 सीटें जीतीं, जबकि 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 109 सीटों पर विजयी हुई थी।

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