Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र में इस बार सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो-फाड़ होने के बाद राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव होंगे। 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत का परचम लहराने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 99 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची 13 महिला उम्मीदवारों सहित उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के नाम शामिल हैं। इसमें 71 पुराने विधायकों को टिकट मिला है।
विदर्भ में भाजपा हर मोर्चे पर बूथ स्तर तक काम कर रही है। भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय विदर्भ के केंद्र नागपुर में है। यहां पार्टी ने अपनी सभी इकाइयों, मोर्चा और प्रकोष्ठों को सक्रिय किया है और टोली बनाकर चुनाव प्रबंधन में लगाया है। बूथ स्तर तक का मैनेजमेंट बारीकी से किया जा रहा है। ग्राउंड से लेकर सोशल मीडिया तक चुनावी प्रचार प्रसार पर काम हो रहा है। भाजपा का मुख्य फोकस विदर्भ की 62 सीटों पर है। इन सीटों पर भाजपा ने 2 राज्यों के संगठन महामंत्रियों को लगाया है जिनमें तेलंगाना के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर और मध्य प्रदेश के हितानंद शामिल हैं। अगस्त महीने से ही राजस्थान के पूर्व संगठन महामंत्री चंद्रशेखर विदर्भ क्षेत्र में प्रवास कर रहे हैं और चुनाव तक उन्होंने वहीं डेरा डाल लिया है। वह विदर्भ क्षेत्र के पदाधिकारियों, चुनाव प्रबंधन टोली, चुनाव संचालन टोली, महिला मोर्चा टीम, अनुसूचित मोर्चा, युवा मोर्चा की टोलियों की बैठक ले रहे हैं।
किस रणनीति पर भाजपा कर रही काम
चुनाव से पहले भाजपा की टोलियों ने क्षेत्र में शोषितों, वंचितों, गरीब, मजदूर, कामगार, दैनिक वेतन भोगियों, घरों में काम करने वाली महिलाओं, रिक्शा चालकों, फल विक्रेताओं तक संपर्क किया। भाजपा ने केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं को आधार बनाया है और उनके लाभार्थियों से संपर्क कर नया वोट बैंक तैयार किया है। भाजपा ने हर बूथ पर कमेटियां नियुक्त की हैं, साथ ही विस्तारकों और पन्ना प्रमुखों की पूरी फौज तैयार की है। ग्राउंड के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी पूरी मुस्तैदी से अभियान चलाया जा रहा है। बता दें कि विदर्भ के बारे में कहा जाता है कि यह जिसका साथ देता है, वही महाराष्ट्र की सत्ता के नजदीक पहुंच पाता है।
माइक्रोमैनेजमेंट से हो रहा काम
चुनावी माइक्रोमैनेजमेंट में माहिर चंद्रशेखर को भाजपा ने जनवरी महीने में राजस्थान से तेलंगाना के महामंत्री संगठन के रूप में नियुक्त कर भेजा था। वह 2017 से राजस्थान में भाजपा के महामंत्री संगठन थे और उन्होंने पार्टी को बूथ स्तर तक ले जाकर विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी को विजयश्री दिलाने में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उससे पहले काशी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। साल 2014 में चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर बनारस सीट को जीतने की बड़ी पटकथा लिखी थी। अब चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट में माहिर चंद्रेशखर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी संगठन ने तेलंगाना में जिस सोच के साथ भेजा था, उन्होंने उसे पूरा कर दिखाया। लोकसभा चुनाव में तेलंगाना में 4 सीटों वाली बीजेपी को 8 सीटें दिलाने का काम किया।
महाराष्ट्र में अभी भाजपा के पास 106 विधायक
बता दें कि जून, 2022 में महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिरी थी और भाजपा समर्थित सरकार बनी। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार के पास 202 विधायकों का समर्थन है। 106 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। अपने चुनावी माइक्रोमैनेजमेंट से भाजपा इस बार 2014 के विधानसभा चुनाव में हासिल हुईं 122 सीटों के आंकड़े को भी पार करना चाहती है।
