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MP में पांचवीं बार 'मामा' की वापसी! महिला वोटबैंक ने लगाई नैया पार, समझें- कैसे शिवराज-BJP बने सबके 'लाडले'

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 3, 2023, 09:43 PM IST

Madhya Pradesh Assembly Elections 2023: वैसे, चौहान ने एक दिसंबर 2023 को संकेत दिए थे कि बीजेपी इस चुनाव में शानदार जीत हासिल करेगी, पर वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने से जुड़े सवाल का सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। वह इस प्रश्न पर बोले थे, ‘‘ भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद।’’

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Madhya Pradesh Assembly Elections 2023: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी सरकार बचा ली है। यह बात रविवार (तीन दिसंबर, 2023) को चुनावी रुझानों से लगभग साफ हो चुकी है। बेशक सूबे में पार्टी को जीत दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा रहा हो, पर साथ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उर्फ मामा की पॉजिटिव छवि और महिला केंद्रित योजनाएं भी अहम फैक्टर रहीं। ऐसी ही योजनाओं में एक "मुख्यमंत्री लाडली बहना स्कीम'' भी है, जिसने राज्य में सीएम चौहान और बीजेपी को महिला वोटबैंक के बीच लाडली बनाकर विजयी बनाने में मदद की।

क्यों खास है शिवराज सिंह चौहान की ये जीत?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य की सभी विधानसभाओं में प्रचार करते रहे। खुद अपनी बुधनी विधानसभा में एक दिन बिना गए सीएम शिवराज ने एक लाख पांच हजार चौदह (105014) मतों से जीत हासिल की।

दरअसल, चौहान ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान लाडली स्कीम के तहत दी जाने वाली रकम को बढ़ाने का आश्वासन दिया था। यह पिच उन्होंने कई दफा उन रैलियों में इस्तेमाल की थी, जिनमें सिर्फ महिलाएं रहती थीं। जबलपुर में अपनी एक जनसभा के दौरान चौहान बोले थे- जैसे ही पैसे का इंतजाम होगा तो रकम बढ़ाकर 1500 कर दूंगा। मैं इसे आगे और बढ़ाऊंगा...फिर 1750 रुपए करूंगा। बाद में 2000 रुपए प्रति माह करूंगा। आपका शिवराज इतने पर भी नहीं रुकेगा...मैं इसे 2250 रुपए, फिर 2500 रुपए, फिर 2700 और मौका मिल गया तो 3000 रुपए कर दूंगा। यह रकम हर महीना दी जाएगी।

यह योजना प्रदेश की 1.3 करोड़ महिलाओं के लिए चौहान की ओर से चुनाव से लगभग आठ महीने पहले मार्च में शुरू की गई थी। स्कीम के तहत महिलाओं को कैश दिया जाता है। वैसे, पहली बार रतलाम (म.प्र) में पीएम नरेंद्र मोदी ने शिवराज सरकार की फ्लैगशिप योजना का जिक्र किया था। हालांकि, पीएम ने इस दौरान चौहान का नाम नहीं लिया था। सीएम ने लाडली बहना योजना की शुरुआत करते हुए महिलाओं के बीच अच्छी खासी लोकप्रियता हासिल की थी। मौजूजा समय में इस योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए राशि की दो किस्तें महिलाओं के खातों में भेजी जाती हैं।

वैसे, चौहान ने एक दिसंबर 2023 को संकेत दिए थे कि बीजेपी इस चुनाव में शानदार जीत हासिल करेगी, पर वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने से जुड़े सवाल का सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। वह इस प्रश्न पर बोले थे, ‘‘ भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद।’’ सीएम का यह बयान अधिकतर एग्जिट पोल्स में म.प्र. में भाजपा को आगे बताए जाने के एक दिन बाद आया था। रोचक बात है कि साल 2003 के बाद यह पहली बार था कि भाजपा ने 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पेश किए बिना चुनाव लड़ा था।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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