Kerala Assembly Election 2026: निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने शुक्रवार को कहा कि केरल विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के प्रतिनिधि ''स्ट्रांग रूम'' के बाहर तैनात किए जा सकते हैं। केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मतदान संपन्न होने के बाद, चुनाव में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) इकाइयों को संबंधित उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ''स्ट्रांग रूम'' में रखा गया।
प्रत्याशी स्ट्रांग रूम के बाहर तैनात करें अपने प्रतिनिधि
निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में ईवीएम को सुरक्षित रखा गया। विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और ''स्ट्रांग रूम'' के चारों ओर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ दो स्तरीय सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, "सभी प्रत्याशियों को लिखित रूप से सूचित किया गया है कि वे स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए अपने प्रतिनिधि नियुक्त करें और उन्हें आंतरिक सुरक्षा घेरा के बाहर रहने की अनुमति दी जाएगी।"
विज्ञप्ति के अनुसार, उम्मीदवारों को ''स्ट्रांग रूम'' की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करा दी गई है।" इससे पहले कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया था कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए उसे अपने कार्यकर्ताओं को ''स्ट्रांग रूम'' के बाहर तैनात करने की अनुमति दी जाए।
केरल में कितने फीसदी हुआ मतदान?
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मतगणना के दिन उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों और निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच ''स्ट्रांग रूम'' खोले जाएंगे। केरल विधानसभा चुनाव गुरुवार को हुए थे, जिसमें 78 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के चुनावों की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है।
पीआईबी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1987 के विधानसभा चुनाव में राज्य में 80.54 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि 1960 में 85.72 प्रतिशत मतदान के साथ अब तक का सर्वाधिक मतदान रिकॉर्ड किया गया था।
