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Karnataka Chunav: 91 साल के बुजुर्ग शिवशंकरप्पा को कांग्रेस ने फिर उतारा मैदान में, बताया-सरपट दौड़ने वाला घोड़ा

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 19, 2023, 07:33 PM IST

Karnataka Assembly Election 2023 : कर्नाटक विधानसभा चुनाव बेहद करीब है यहां कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस में टक्कर है। आजकल पार्टियां चुनाव में युवाओं को तब्बजो दे रही है। लेकिन कांग्रेस 91 साल के विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा फिर मैदान में उतार दिया। यह जानकर लोग हक्का बक्का हैं।

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Karnataka Assembly Election 2023 : शमनूर शिवशंकरप्पा को कांग्रेस दिया फिर टिकट

Photo : Twitter

Karnataka Assembly Election 2023: जहां एक ओर पार्टियां युवाओं को मौका दे रही है तो दूसरी को कांग्रेस अपने बुजुर्ग नेताओं पर भरोसा जता रहे हैं। कई बुजुर्ग विधायकों को टिकट तो मिला ही, उनमें से एक 91 साल के विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा को एक बार फिर मौका देकर पार्टी ने जता दिया कि बुजुर्गों में अभी दम बचा है। कर्नाटक में शमनूर शिवशंकरप्पा एक बार फिर विधानसभा चुनाव की तैयारी जुटे हुए हैं। वह वह चुनावी मैदान में खुद को सरपट दौड़ने वाला घोड़ा कहते हैं। कांग्रेस के सीनियर नेता 5 बार के विधायक और पूर्व लोकसभा सदस्य शिवशंकरप्पा को दावणगेरे दक्षिण से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिला है। शिवशंकरप्पा ने कहा कि मेरे पास जन समर्थन और भगवान का आशीर्वाद है और क्या चाहिए?

मैं सबसे बड़े अंतर से चुनाव जीतूंगा- शिवशंकरप्पा

कांग्रेस विधायक शिवशंकरप्पा वास्तव में मध्य कर्नाटक में दावणगेरे के पर्याय बन गए हैं। मुस्कुराहट के साथ वह फिर से जीत हासिल करने का विश्वास व्यक्त करते हैं। शिवशंकरप्पा ने बढ़ती उम्र के बावजूद कांग्रेस की ओर से टिकट मिलने पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि घुड़दौड़ के लिए केवल सरपट दौड़ने वाले घोड़े को ही चुना जाता है। मैं ऐसा ही एक घोड़ा हूं। मैं सबसे बड़े अंतर से चुनाव जीतूंगा।

इस उम्र में भी गजब की सुनने की क्षमता

प्रभावशाली वीरशैव महासभा के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा की 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्य लड़ाई बीजेपी के बीजी अजय कुमार से है, जो दावणगेरे के महापौर रह चुके हैं। प्रेम से चाहने वाले उन्हें एसएस कहते हैं। शिवशंकरप्पा को चलते समय सहारे की जरूरत होती है, लेकिन उनकी सुनने की क्षमता अच्छी है, आवाज स्पष्ट है और वह स्पष्टता के साथ अपने मन की बात कहते हैं।

शिवशंकरप्पा के पास 312.75 करोड़ की संपत्ति

उन्होंने नामांकन दाखिल करते समय अपने पास 312.75 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की घोषणा की है। जब एक पत्रकार ने कुछ खबरों का हवाला देते हुए उनसे कहा कि उनकी जगह अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को टिकट मिलना चाहिए था, तो कांग्रेस नेता ने मजाक में उन्हें डांटते हुए कहा कि गड़बड़ मत करो। यहां (दावणगेरे दक्षिण) सभी मेरे साथ हैं। आपको इस बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम और लिंगायत सभी मेरे साथ हैं।

प्रख्यात शिक्षाविद् हैं शिवशंकरप्पा

दावणगेरे में मेडिकल, इंजीनियरिंग और नर्सिंग कॉलेज चलाने वाले प्रख्यात शिक्षाविद् शिवशंकरप्पा ने कहा कि चुनावी मैदान में उनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है और उन्हें चुनाव जीतने का पूरा भरोसा है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि शिवशंकरप्पा की राजनीतिक कुशाग्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता जगदीश शेट्टर को पार्टी में शामिल कराने का काम सौंपा था।

शेट्टर को कांग्रेस में शामिल करने में अहम भूमिका

बीजेपी ने शेट्टर को आगामी चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। कांग्रेस ने तुरंत उन्हें शिवशंकरप्पा के माध्यम से पार्टी में शामिल कर लिया। शिवशंकर की पोती और एस.एस. गणेश की बेटी आंचल, शेट्टर की पुत्रवधू है। कांग्रेस ने शिवशंकरप्पा के बेटे और पूर्व मंत्री एस. एस. मल्लिकार्जुन को दावणगेरे उत्तर से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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