इलेक्शन

कैश से लेकर शराब तक... विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक 100 करोड़ से ज्यादा की जब्ती, चुनाव आयोग की सख्त निगरानी

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच और तलाशी के दौरान आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा या परेशानियों का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल संदिग्ध गतिविधियों पर ही कार्रवाई करें और जनता के अधिकारों का सम्मान बनाए रखें।

Image

बिहार में चेकिंग करती हुई शेखपुरा पुलिस (फोटो- @ShekhpuraPolice)

बिहार विधानसभा चुनाव और आठ विधानसभा क्षेत्रों की उपचुनाव प्रक्रिया के बीच राज्य में अब तक 108.19 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है। चुनाव आयोग ने इसे एक बड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा है कि यह संयुक्त एजेंसियों की सतर्कता और सख्त निगरानी का परिणाम है। चुनाव आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 9.62 रुपए करोड़ नकद, 42.14 करोड़ रुपए मूल्य की शराब (करीब 9.6 लाख लीटर), 24.61 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ, 5.8 करोड़ रुपए मूल्य की कीमती धातुएं और 26 करोड़ रुपये से अधिक के फ्रीबीज़ व अन्य वस्तुएं जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मल्टी एजेंसी टीमों के समन्वय से की गई है।

824 फ्लाइंग स्क्वॉड्स निगरानी पर तैनात

आयोग ने बताया कि राज्यभर में 824 फ्लाइंग स्क्वॉड्स सक्रिय हैं जो हर शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं। आयोग ने सभी राज्य और जिला प्रशासन को मॉडल आचार संहिता (MCC) के कड़े पालन के निर्देश दिए हैं ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हो सकें।

आम जनता को न हो असुविधा : चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच और तलाशी के दौरान आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा या परेशानियों का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल संदिग्ध गतिविधियों पर ही कार्रवाई करें और जनता के अधिकारों का सम्मान बनाए रखें।

शिकायत के लिए सी-विजिल ऐप और हेल्पलाइन 1950

मॉडल कोड उल्लंघन या अवैध गतिविधियों की शिकायत कोई भी नागरिक C-VIGIL ऐप के माध्यम से कर सकता है। इसके अलावा आयोग ने 1950 नंबर की 24x7 हेल्पलाइन भी जारी की है, जहां कोई भी व्यक्ति सीधे जिला चुनाव अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी से संपर्क कर सकता है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तव author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

End of Article