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हरियाणा में सरकार बनाएगी कांग्रेस, तो कौन बनेगा मुख्यमंत्री? भूपेंद्र हुड्डा का बड़ा दावा, जानें क्या बोले सीएम सैनी

Haryana Politics: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया है कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने इस बात पर मुहर लगाई है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी का फैसला पार्टी आला कमान करेगा। वहीं एग्जिट पोल के नतीजों में भी हरियाणा में भाजपा को करारी हार मिलती दिख रही है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दावा किया है कि हरियाणा में आठ अक्टूबर को भाजपा सरकार बनाएगी।

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कौन बनेगा हरियाणा का अगला मुख्यमंत्री?

Next CM of Haryana: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि पार्टी के विधायकों से राय लेने के बाद आला कमान मुख्यमंत्री के चेहरे का फैसला करेगा। हुड्डा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने और कई ‘एग्जिट पोल’ में कांग्रेस की जीत की संभावना व्यक्त किए जाने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने रोहतक स्थित अपने आवास में संवाददाताओं से कहा, 'हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रहे हैं।'

कांग्रेस की सरकार बनी, तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा?

कई एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत का अनुमान व्यक्त किये जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता हुड्डा (77) ने कहा, 'हमारे आकलन के अनुसार मैं यह कहता रहा हूं कि हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे... मैं पहले से ही कह रहा हूं कि लोगों ने कांग्रेस की सरकार बनाने का निर्णय कर लिया है।' यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद किसे मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, तो हुड्डा ने दोहराया कि पार्टी में एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसके अनुसार 'पार्टी विधायकों की राय ली जाएगी, जिसके बाद आला कमान फैसला करेगा।'

कुमारी शैलजा या रणदीप सुरजेवाला बनेंगे सीएम?

यह पूछे जाने पर कि कुमारी शैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, तो इसके जवाब में हुड्डा ने कहा कि राजनीति ऐसी चीज है कि कोई भी आकांक्षा रख सकता है, 'लेकिन एक प्रक्रिया है कि विधायक अपनी राय देंगे, जिसके बाद आला कमान फैसला करेगा।' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दोबारा सत्ता में आने के पार्टी नेताओं के दावे पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, 'भाजपा इसके अलावा और कह भी क्या सकती है? नतीजे आने के बाद उन्हें पता चल जाएगा।'

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा केवल कांग्रेस के बारे में बात करती रही। उसने पिछले 10 वर्षों के अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने नहीं रखा क्योंकि उनके पास दिखाने के लिए कुछ है ही नहीं। हुड्डा ने एग्जिट पोल के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा, 'जब लोगों ने भाजपा से (उसके द्वारा किये गये कार्यों का) हिसाब मांगा तो उसने अपना मुख्यमंत्री बदल दिया। लेकिन इसके बदले लोगों ने सरकार बदलने का फैसला किया है।'

'इस सरकार में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है'

हरियाणा की मौजूदा भाजपा सरकार को ‘निकम्मी’ सरकार करार देते हुए कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस सरकार में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है जबकि किसान, कर्मचारी, गरीब, मजदूर, महिलाएं और युवा समेत हर वर्ग तंग आ चुका है। हुड्डा ने कहा कि यह चुनाव ‘कांग्रेस की पिछली सरकार की उपलब्धियों बनाम भाजपा की विफलताओं व निकम्मेपन’ जैसे मुद्दों पर लड़ा गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, 'आठ अक्टूबर को नतीजे आने के बाद हम सरकार बनाएंगे। कांग्रेस अपने वादे पूरे करेगी। हमने 2005 में अपने शासनकाल में किए गए वादे पूरे किए और 2009 में भी हमने सभी वादों को पूरा करके दिखाया।'

8 अक्टूबर को भाजपा सरकार बनाएगी; सैनी का दावा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार शाम दावा किया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारी बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाएगी। मुख्यमंत्री सैनी ने यह दावा ऐसे समय किया है जब हरियाणा विधानसभा चुनाव के कई ‘एग्जिट पोल’ में कांग्रेस की जीत की संभावनाएं जताई गयी हैं। उन्होंने मतदान समाप्त होने के बाद कुरुक्षेत्र में पत्रकारों से कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्ष में हर वर्ग के लिए काम किया है।

सैनी ने ‘एग्जिट पोल’ के नतीजों पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हरियाणा को क्षेत्रवाद, परिवारवाद और राज्य के प्रति भेदभाव से मुक्त किया गया।' उन्होंने कहा, 'हमें पूरा भरोसा है कि हमने हरियाणा के विकास को नयी गति दी है और आठ अक्टूबर को हरियाणा में भाजपा भारी बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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