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महाराष्ट्र के चुनावी रण में कुल कितने उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन? देख लें सभी 288 सीटों का सीमकरण

Maharashtra Assembly Elections 2024: क्या आप जानते हैं कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कुल कितने उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है? 288 सीटों पर करीब 8 हजार उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। महाराष्ट्र चुनाव में नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन समाप्त होने तक 7 हजार 995 उम्मीदवारों के 10,905 नामांकन पत्र प्राप्त हुए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीट के लिए लगभग 8,000 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि 20 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए 7,995 उम्मीदवारों ने निर्वाचन आयोग के पास 10,905 नामांकन दाखिल किए हैं। उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल करना 22 अक्टूबर को शुरू हुआ और यह प्रक्रिया 29 अक्टूबर को समाप्त गई। नामांकन पत्रों का सत्यापन और जांच 30 अक्टूबर को होगी तथा उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि चार नवंबर को दोपहर तीन बजे तक है।

महाराष्ट्र चुनाव के लिए कुल कितने उम्मीदवारों ने किया नामांकन?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 288 निर्वाचन क्षेत्रों में 7,995 उम्मीदवारों के 10,905 नामांकन पत्र जमा किए गए हैं। 288 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होने हैं। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता 15 अक्टूबर, 2024 को लागू हुई। चुनाव की अधिसूचना 22 अक्टूबर को जारी की गई थी। मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि थी।

आचार संहिता के उल्लंघन की दर्ज करा सकते हैं शिकायत

आज इन आवेदन पत्रों की जांच की जाएगी। साथ ही 4 नवंबर 2024 को नामांकन पत्र वापस भी लिए जा सकेंगे। इस बीच, 15 से 29 अक्टूबर तक सी-विजिल एप्लीकेशन पर आचार संहिता के उल्लंघन की 1,648 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1,646 का चुनाव आयोग द्वारा समाधान कर दिया गया है, मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने कहा। सतर्क नागरिकों को आचार संहिता का पालन करने में मदद करने वाला सी-विजिल ऐप किसी भी ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप के जरिए नागरिक आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित टीम द्वारा जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाती है। इस बीच, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस रहे हैं और कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। महायुति भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) का गठबंधन है। जबकि, एमवीए शिवसेना (यूबीटी) (उद्धव ठाकरे गुट), एनसीपी (एससीपी) (शरद पवार गुट) और कांग्रेस पार्टी का गठबंधन है।

क्या अजित पवार गुट और भाजपा के बीच पड़ गई दरार?

मंगलवार को एक बड़े घटनाक्रम में, एनसीपी ने नवाब मलिक को मानखुर्द शिवाजी नगर से उम्मीदवार बनाया, यह सीट पहले से ही भाजपा नेता किरीट सोमैया के पास है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) द्वारा मानखुर्द शिवाजी नगर से नवाब मलिक को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद महायुति गठबंधन के सामने एक नई चुनौती सामने आई है, यह सीट पहले से ही भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया के पास है और वे उसी सीट पर शिवसेना के सुरेश कृष्ण पाटिल को 'आधिकारिक' उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ा रहे हैं। नवाब मलिक ने मंगलवार को आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए एनसीपी (अजीत पवार) उम्मीदवार के तौर पर मानखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। गौरतलब है कि यह सीट वर्तमान में समाजवादी पार्टी के अबू आजमी के पास है, जो पार्टी के राज्य प्रमुख हैं।

नवाब मलिक ने नामांकन दाखिल करने के बाद क्या कहा?

नामांकन दाखिल करने के बाद नवाब मलिक ने कहा, "आज मैंने एनसीपी उम्मीदवार के तौर पर मानखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया। मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी पर्चा दाखिल किया था। लेकिन पार्टी ने एबी फॉर्म भेजा और हमने इसे दोपहर 2.55 बजे दाखिल किया और अब मैं एनसीपी का आधिकारिक उम्मीदवार हूं।" अणुशक्ति नगर से दो बार विधायक रह चुके नवाब मलिक ने पहले घोषणा की थी कि वह गठबंधन सहयोगी भाजपा के दबाव के कारण एनसीपी द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद मानखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।

नवाब मलिक की बेटी सना मलिक अणुशक्ति नगर विधानसभा सीट से एनसीपी उम्मीदवार (अजित पवार) के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 सीटें, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। 2014 में भाजपा ने 122 सीटें, शिवसेना ने 63 और कांग्रेस ने 42 सीटें हासिल की थीं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होने हैं, जबकि सभी 288 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना 23 नवंबर को होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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