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Gujarat Election Results 2022:CM भूपेंद्र पटेल,हार्दिक पटेल,रिवाबा,इसुदान गढ़वी की किस्मत का फैसला आज, जानें हॉट सीट का हाल

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 8, 2022, 07:38 AM IST

Gujarat Key Candidates Election Results 2022: गुजरात विधान सभा चुनाव में भूपेंद्र पटेल,हार्दिक पटेल,इसुदान गढ़वी,कांति अमृतिया, सुरेश पटेल, सी के राउलजी,रिवाबा जडेजा,पबुभा मानेक की किस्मत का आज फैसला होगा।

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गुजरात की वीआईपी सीटों का हाल

Gujarat Key Candidates Election Results 2022: देश की सियासत में आज अहम दिन है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों पर नजर रहेगी। बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा की गुजरात में 27 साल से चली आ रही सरकार बरकरार रहेगी या फिर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस नया इतिहास रचेंगे। इसी तरह पर्वतीय राज्य हिमाचल में नतीजे क्या 37 साल से चली आ रही परंपरा को तोड़ेंगे या बरकार रहेंगे, यह भी बेहद अहम होगा। इन चुनावों में सबसे ज्यादा नजर गुजरात पर रहने वाली है। और उसमें भी कई अहम उम्मीदवार हैं, जिनका राजनीतिक भविष्य ये चुनाव तय करेंगे। आइए जानते हैं कि गुजरात की कौन सी वीआईपी सीटें हैं..

1. भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Bhai Patel)

अहमदाबाद जिले की घाटलोडिया सीट पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल उम्मीदवार है। घाटलोडिया को भाजपा का गढ़ माना जाता है, इस सीट का गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल भी प्रतिनिधित्व कर चुकी है। सीट पर पाटीदार समुदाय बेहद असर डालता है। हालांकि भाजपा के लिए हमेशा से यह सीट आसान रही है।

2.हार्दिक पटेल (Hardik Patel)

पाटीदार आंदोलन से उभरे हार्दिक पटेल इस बार भाजपा की ओर से चुनावी मैदान में उतरे हैं। भाजपा के लिए 2017 में इस सीट से हार, उसके लिए बड़ा झटका था। पाटीदार आंदोलन का असर यह था कि कांग्रेस ने इस सीट पर 75 हजार वोटों के साथ जीत दर्ज की थी। वीरमगाम में आप, कांग्रेस और भाजपा के त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है।

3.इसुदान गढ़वी (Isudan Gadhvi)

आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार इसुदान गढ़वी खंभालिया सीट से चुनावी मैदान में हैं। अगर इस सीट के जातिय समीकरण को देखा जाय तो यहां अहिरों का वर्चस्व रहा है और हर बार यहां अहिर समुदाय का नेता ही विधायक बनता है। इसलिए इसुदान गढ़वी के लिए यहां कड़ा मुकाबला रहने वाला है। सिर्फ साल 1967 में कोई गैर अहिर समुदाय का व्यक्ति यहां से नेता बना था।

4. कांति अमृतिया (Kanti Amrutiya)

मोरबी केबल ब्रिज हादसे के बाद हाल ही चर्चा में रही मोरबी सीट पर सबकी नजर है। इस सीट पर, मोरबी हादसे के हीरो को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। मोरबी लंबे समय से भाजपा का गढ़ रहा है। पार्टी ने 1995 से लगातार 2012 तक सीट जीती थी। मोरबी में पाटीदार समुदाय हमेशा से असर डालाता रहा है।

5. सुरेश पटेल (Suresh Patel)

मणिनगर सीट साल 1990 से भाजपा के कब्जे में है। यह सीट इसलिए बेहद अहम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यही से अपना पहना चुनाव लड़ा था। वह 2002, 2007 और 2012 में इस सीट पर जीत दर्ज कर चुके हैं।

6. सी के राउलजी ,गोधरा (C.K.Raulji, Godhra)

बीजेपी ने इस सीट से मौजूदा विधायक सी के राउलजी को फिर से मैदान में उतारा है। गोधरा विधानसभा के क्षेत्र में 2 लाख 79 हजार वोटर हैं, जिसमें से 72 हजार वोटर मुस्लिम हैं, AIMIM ने भी अपना उम्मीदवार बनाया है। नगर निकाय चुनाव में AIMIM ने 7 सीटें जीतकर, अहम उपस्थिति दर्ज कराई थी।

7. रिवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja)

गुजरात चुनावों में यह सीट काफी चर्चा में रह रही है। यहां क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा को भाजपा ने टिकट दिया है, जो पहली बार चुनाव लड़ रही है। रिवाबा का सीधा मुकाबला कांग्रेस के बिपेंद्र सिंह जडेजा से होगा। जिनका चुनाव प्रचार रविंद्र जडेजा की बहन कर रही हैं।

8.पबुभा मानेक (Pabhubha Manek)

इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी पबुभा मानेक लगातार 7 बार से जीत हासिल कर रहे हैं। इस सीट पर अहिर समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा यहां ओबीसी, सत्वरस समूह और मानेक समुदाय के लोग तीसरे स्थान पर हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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