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Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट कितनी असरदार? समझिए सारी ABCD

Delhi Chunav 2025: क्या भाजपा इस बार के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को दिल्ली की सत्ता से उखाड़ पाने में कामयाब हो पाएगी? फिलहाल इस सवाल के जवाब के लिए अभी इंतजार करना होगा। इसी बीच दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 29 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। आपको इस लिस्ट के मायने समझाते हैं।

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दिल्ली चुनाव में बीजेपी का क्या होगा?

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली के चुनावी दंगल में किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा और किसकी उम्मीदों पर चोट गहरा लगेगा? इस सवाल का जवाब दिल्ली की जनता को देना है। अपनी वोट की ताकत से दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिल्लीवासी इस बात का फैसला 5 फरवरी को कर देंगे कि उन्हें आम आदमी पार्टी की सरकार पसंद है या फिर वो दिल्ली में बदलाव चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल एक के बाद एक कई बड़े दावे और वादे कर रहे हैं। हालांकि इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प मोड में है। भाजपा ने आप सरकार के खिलाफ सड़क से सोशल मीडिया तक मोर्चा खोल रखा है।

भाजपा की दूसरी लिस्ट कितनी असरदार?

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 29 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इस टिकट बंटवारे में कई मुख्य बातें देखने को मिली हैं। दूसरी लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हरीश खुराना को टिकट मिला है। इसके अलावा भाजपा के फायरब्रांड नेता, कपिल मिश्रा को भी टिकट मिला है। कभी कपिल का नाता आम आदमी पार्टी से हुआ करता था। इस लिस्ट में पूर्वांचली के मुद्दे का भी असर नजर आया। सूची में चार पूर्व विधायक और आठ वर्तमान पार्षदों के नाम शामिल हैं। मतलब समझा जा सकता है कि इस बार आप की राह को भाजपा आसान नहीं रहने देगी।

भाजपा उम्मीदवारों की दूसरी सूची का हिसाब-किताब

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 29 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की। पार्टी ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता कपिल मिश्रा को करावल नगर से टिकट दिया है, जो अब कट्टर हिंदुत्व की राजनीति के लिए जाने जाते हैं। भाजपा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के बेटे हरीश खुराना को मोती नगर निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है। पार्टी द्वारा 29 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी किये जाने के साथ भाजपा ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 58 सीट पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पांच फरवरी को मतदान होना है और मतगणना आठ फरवरी को होगी।

मोहन सिंह बिष्ट की जगह कपिल मिश्रा को टिकट

भाजपा ने पार्टी के मौजूदा विधायक मोहन सिंह बिष्ट की जगह मिश्रा को मैदान में उतारा है, जिन्होंने फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़कने से ठीक पहले कई भाषण दिए, जिनकी प्रतिद्वंद्वी दलों ने भड़काऊ बताकर निंदा की थी। पार्टी ने लक्ष्मी नगर सीट से अपने मौजूदा विधायक अभय वर्मा को दोबारा मैदान में उतारा है। उन्होंने 2020 में यह सीट 800 से ज्यादा मतों के मामूली अंतर से जीती थी। मिश्रा और वर्मा दोनों ही पूर्वांचली हैं। दो अन्य उम्मीदवार, किराड़ी से बजरंग शुक्ला और विकासपुरी से पंकज सिंह भी पूर्वांचली हैं।

सत्येन्द्र जैन को चुनौती देंगे भाजपा के करनैल सिंह

भाजपा की दिल्ली इकाई के मंदिर प्रकोष्ठ के प्रमुख करनैल सिंह को शकूर बस्ती सीट से मैदान में उतारा गया है जो आम आदमी पार्टी (आप) के मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन को चुनौती देंगे। भाजपा ने कस्तूरबा नगर के पूर्व विधायक नीरज बसोया को इसी सीट से मैदान में उतारा है। वह हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। प्रदेश भाजपा के पूर्व महासचिव (संगठन) पवन शर्मा उत्तम नगर सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने इस सीट से 2013 में जीत हासिल की थी।

भाजपा की दूसरी सूची में कई महिला उम्मीदवारों के नाम भी हैं। सूची के मुताबिक, मटिया महल से दीप्ति इंदौरा, मादीपुर (सुरक्षित) से उर्मिला कैलाश गंगवार, तिलक नगर से श्वेता सैनी, कोंडली (सुरक्षित) से प्रियंका गौतम और नजफगढ़ से नीलम पहलवान को मैदान में उतारा गया है। सूची में चार पूर्व विधायक और आठ वर्तमान पार्षदों के नाम शामिल हैं। भाजपा ने पूर्व महापौर श्याम शर्मा को हरि नगर सीट से मैदान में उतारा है, जहां सिख मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है।

क्या मीनाक्षी लेखी को दिल्ली छावनी से मिलेगा टिकट?

दिल्ली छावनी, ग्रेटर कैलाश और शाहदरा जैसी शेष 12 सीट पर, चर्चा के बाद जल्द उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी को ग्रेटर कैलाश सीट से मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है लेकिन वह दिल्ली छावनी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छुक बताई जा रही हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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