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मालवीय नगर में किसका बजेगा डंका, किसकी लगेगी लंका? फिर चलेगा सोमनाथ भारती का झाड़ू या आप को भाजपा करेगी साफ; देखें समीकरण

Malviya Nagar Assembly Seat: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में इस बात कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा था। आप और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है। इस चुनाव में एक बार फिर मालवीय नगर सीट पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। क्योंकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले ‘मालवीय नगर’ में भाजपा की राह आसान नहीं होगी।

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मालवीय नगर सीट पर कांग्रेस के जितेंद्र कुमार कोचर, आप के सोमनाथ भारती और भाजपा के सतीश उपाध्याय के बीच मुकाबला।

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली की मालवीय नगर विधानसभा सीट की गिनती हाई प्रोफाइल सीटों में होती है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही मालवीय नगर सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी (आप) का कब्जा है। आइए जानते हैं मालवीय नगर सीट से जुड़ी अहम बातें। सबसे पहले आपको बताते हैं कि मालवीय नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किसे मैदान में उतारा है।

मालवीय नगर सीट पर किस-किसके बीच मुकाबला?

उम्मीदवारपार्टीपरिणाम
सोमनाथ भारतीआम आदमी पार्टी--
सतीश उपाध्यायभारतीय जनता पार्टी--
जितेंद्र कुमार कोचरकांग्रेस--

लगातार चौथी बार इस सीट से मैदान में सोमनाथ भारती

मालवीय नगर सीट पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। आप ने लगातार चौथी बार यहां से सोमनाथ भारती को उतारा है, वह पिछले तीन चुनाव 2013, 2015 और 2020 में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। वह दिसंबर 2013 से फरवरी 2014 तक अरविंद केजरीवाल की सरकार में कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, कला और संस्कृति मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

भाजपा और कांग्रेस ने किस नेता पर जताया भरोसा?

बीजेपी ने सतीश उपाध्याय को यहां से उतारा है, जो भाजपा की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। जुलाई 2014 में लोकसभा चुनाव में उन्हें दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष चुना गया गया था। दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष पद संभालने से पहले वह दिल्ली भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष और सचिव भी रह चुके हैं। वहीं, कांग्रेस ने मालवीय नगर से जितेंद्र कुमार कोचर को टिकट दिया है, जो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व नेता सदन भी रह चुके हैं।

पिछले चुनाव में कितने वोटों से जीते थे सोमनाथ भारती?

2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार सोमनाथ भारती ने बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें 52,043 वोट मिले थे और उनका वोट शेयर 57.97 फीसद था, जबकि भाजपा के उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह को 33,899 वोट मिले और उनका वोट शेयर 37.76 फीसद था। वहीं, कांग्रेस की नीतू वर्मा को 3.18 फीसद वोटों के साथ 2,856 वोट मिले थे। इस बार कांग्रेस और भाजपा ने यहां से अपने उम्मीदवारों को बदला है।

मालवीय नगर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। यहां पुरुष मतदाता 80,777, महिला मतदाता 70,020 और थर्ड जेंडर वोटर 3 हैं। यहां कुल वोटर 1,50,800 हैं।

इस सीट पर बेहद खराब रहा है भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड

बता दें कि मालवीय नगर विधानसभा सीट दिल्ली के नई दिल्ली जिले में आती है। 1993 से 2020 तक के विधानसभा चुनाव की बात करें तो सिर्फ एक बार ही इस सीट पर भाजपा जीत दर्ज कर पाई है। 1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 1998, 2003 और 2008 में जीत हासिल की थी। हालांकि, 2013 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी, जो वर्तमान में भी आप के पास है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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