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झुग्गीवासियों को वोट देने से रोकने की हो रही कोशिश; केजरीवाल ने लगाया एक और सनसनीखेज आरोप

Kejriwal on Slum Dwellers Voting Rights: केजरीवाल ने एक बार फिर संगीन इल्जाम लगाते हुए ये दावा किया है कि झुग्गीवासियों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर दिल्ली भेजने वाले पानी में जहर मिलाने का आरोप लगाया था।

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अरविंद केजरीवाल का बड़ा आरोप।

Photo : ANI

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आरोप लगाया कि पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले झुग्गीवासियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मताधिकार से वंचित करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है। केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि उन्हें नौकरों के क्वार्टर, धोबी घाटों और झुग्गी बस्तियों के निवासियों के कई फोन कॉल आए हैं, जिनमें बताया गया है कि ‘‘प्रतिद्वंद्वी पार्टी से जुड़े’’ लोग मतदाताओं को तीन-तीन हजार रुपये की पेशकश कर रहे हैं।

झुग्गीवालों को वोट डालने से रोकने की साजिश करने का इल्जाम

उन्होंने कहा कि ये लोग यह कहकर लोगों को कथित तौर पर गुमराह कर रहे हैं कि निर्वाचन आयोग उनकी उंगलियों पर अमिट स्याही लगाकर उन्हें घर से ही मतदान करने की सुविधा देगा ताकि मतदान के दिन उन्हें वोट डालने से रोका जा सके। केजरीवाल ने कहा, ‘‘नौकरों के क्वार्टर, धोबी घाट, हर जगह से फोन आ रहे हैं। उनकी पार्टी के लोग घर-घर जा रहे हैं और कह रहे हैं कि 3,000 रुपए लो और निर्वाचन आयोग तुम्हारे घर आकर तुम्हारा वोट डलवा देगा। बदले में तुम्हारी उंगली पर स्याही लग जाएगी। ये सुनकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। यह आप लोगों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है।’’ उन्होंने मतदाताओं को ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के कानूनी परिणामों के बारे में भी सचेत किया।

'आप सरकार बनाती है तो हम किसी की भी झुग्गी टूटने नहीं देंगे'

केजरीवाल ने कहा, ‘‘अगर आप गलती से भी पैसे के बदले में स्याही लगवा लेते हैं या उनके निर्देश पर फर्जी वोट डाल देते हैं, तो वे आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे और आपको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। धोखाधड़ी के मामलों में ऐसे अपराधों के लिए लोग आठ से 10 साल तक जेल जा चुके हैं।’’ ‘आप’ नेता ने लोगों से इस ‘‘जाल’’ में न फंसने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि चुनाव से पहले की रात कई इलाकों में मीडिया की निगरानी से इस तरह की धोखाधड़ी का पता चल सकता है, जिससे गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे आपको मुफ्त पैसे दे रहे हैं, तो ले लें, लेकिन उन्हें अपनी उंगली पर स्याही न लगाने दें। यह जीवन भर की समस्या बन जाएगी।’’

केजरीवाल ने किसी विशेष पार्टी का नाम लिए बिना उन लोगों के लिए कानूनी परेशानी खड़ी होने के खतरे पर जोर दिया जो अनजाने में ऐसी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप वोट देने के लिए जाए बिना स्याही लगवाते हैं, तो आपको फर्जी वोट डालने के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है।’’ केजरीवाल ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए दावा किया, ‘‘अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो आपकी झुग्गियां नहीं बचेंगी। वे उन्हें तोड़ देंगे और जमीन अपने अमीर मित्रों को सौंप देंगे लेकिन अगर आप मेरे हाथ मजबूत करते हैं और आम आदमी पार्टी सरकार बनाती है तो हम किसी की भी झुग्गी टूटने नहीं देंगे।’’

दिल्ली विधानसभा चुनाव पांच फरवरी को होंगे और नतीजे आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे। ‘आप’ का दिल्ली में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य है, जबकि भाजपा 25 साल से अधिक समय के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता पर काबिज होना चाहती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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