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Maharashtra: वोटिंग से पहले कांग्रेस ने 28 बागियों को पार्टी से निकाला, देख लें पूरी लिस्ट

Congress in Maharashtra: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग से पहले कांग्रेस ने अपने बागियों के खिलाफा तगड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में अब तक कुल 28 बागी उम्मीदवारों को निलंबित कर दिया है।

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महाराष्ट्र में कांग्रेस ने 28 बागी उम्मीदवारों को निलंबित किया

Photo : Twitter

Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, किसके हाथों में सत्ता की बागडोर होगी, कौन सी पार्टी सूबे की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी? ऐसे तमाम सवालों के जवाब आने वाले 23 नंबर को मिल जाएगा। 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने हैं। इससे ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने बागियों के खिलाफ तगड़ा एक्शन लिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने 28 बागी उम्मीदवारों को निलंबित कर दिया है।

कांग्रेस ने 28 बागी उम्मीदवारों को निलंबित किया

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने रविवार को 28 बागी उम्मीदवारों को ‘‘पार्टी विरोधी’’ गतिविधियों के कारण छह साल के लिए निलंबित कर दिया। राज्य के 22 विधानसभा क्षेत्रों में ये उम्मीदवार 20 नवंबर को होने वाले चुनाव में महा विकास आघाडी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में हैं। जिन प्रमुख नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक (रामटेक निर्वाचन क्षेत्र), याज्ञवल्क्य जिचकर (काटोल), कमल व्यवहारे (कसबा), मनोज शिंदे (कोपरी पचपखडी) और आबा बागुल (पार्वती) शामिल हैं। कांग्रेस के एक बयान में कहा गया है कि यह निर्णय एआईसीसी प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है।

6 निर्वाचन क्षेत्रों में 7 और बागी उम्मीदवारों को किया निलंबित

  1. रमाकांत सनेर
  2. राजेंद्र ठाकूर
  3. आबा बागुल
  4. मनिष आनंद
  5. सुरेश कुमार जैथलीया
  6. कल्याण बोराडे
  7. चंद्रपाल चौकसे

पहले इन 21 बागी नेताओं को कांग्रेस ने पार्टी से निकाला

  1. आनंदराव गेडाम
  2. शिलु चिमूरकर
  3. सोनल कोवे
  4. भरत येरमे
  5. अभिलाषा गावतूरे
  6. राजू झोडे
  7. प्रेमसागर गणवीर
  8. अजय लांजेवार
  9. विलास रघुनाथ पाटील
  10. आस्मा जव्वाद चिखलेकर
  11. हंसकुमार पांडे
  12. कमल व्यवहारे
  13. मोहनराव दांडेकर
  14. मंगल बिलास भुजबल
  15. मनोज शिंदे
  16. सुरेश पाटीलखेडे
  17. विजय खडसे
  18. शबीर खान
  19. अविनाश लाड
  20. याज्ञवल्क्य जिचकारा
  21. राजेंद्र मुलक

यह कार्रवाई कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के उस बयान के कुछ दिनों बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सभी पार्टी बागियों को छह साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को मतदान होना है और 23 नवंबर को मतगणना होगी। जैसे-जैसे विधानसभा की 288 सीटों के लिए चुनाव नजदीक आ रहे हैं, दो प्रमुख गठबंधनों, महायुति और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच राजनीतिक लड़ाई तेज होती जा रही है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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