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कांग्रेस को हरियाणा में क्यों मिली हार? सवाल का जवाब तलाशने में जुटे मल्लिकार्जुन खड़गे, कह दी ये बड़ी बात

Why Congress Defeated in Haryana: क्या आप जानते हैं कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को हार का सामना क्यों करना पड़ा? पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस हार की वजह तलाशने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया है कि कांग्रेस हरियाणा विधानसभा चुनाव नतीजों का कर रही विश्लेषण, बूथवार रिपोर्ट मांगी गई।

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मल्लिकार्जुन खड़गे, अध्यक्ष, कांग्रेस।

Mallikarjun Kharge on Haryana Elections Result: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को कहा कि पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव नतीजों का विश्लेषण कर रही है और हार के कारणों का पता लगाने के लिए बूथवार रिपोर्ट मांगी है। खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में हार के कारणों का पता लगाने पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही उन्होंने इस संभावना से इनकार किया कि उत्तरी राज्य के नतीजों का असर आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा।

हरियाणा में हार के बाद एक्टिव हुए मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'हम विश्लेषण कर रहे हैं। राहुल गांधी और अन्य नेताओं के साथ मैंने कुछ दिन पहले बैठक की थी और हमें बूथवार रिपोर्ट मिल रही है। हमारे कार्यकर्ताओं के स्तर पर क्या गलती हुई, हमारे नेताओं की भूमिका क्या है और क्या हुआ, इन सब पर हमें बूथवार रिपोर्ट मिल रही है। इसके आधार पर हम विश्लेषण करेंगे और आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला लेंगे।'

जनता हमारे पक्ष में होने के बावजूद..., खड़गे का दावा

खड़गे ने कलबुर्गी में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी हरियाणा चुनाव के नतीजों पर विशेष ध्यान दे रही है, क्योंकि पूरे देश की राय थी कि हरियाणा में कांग्रेस जीतेगी और संवाददाताओं या समाचार चैनलों सहित किसी ने भी यह नहीं कहा कि पार्टी हारने वाली है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)जीतेगी। उन्होंने कहा, 'क्या हुआ, हम इसका विश्लेषण कर रहे हैं, उसके बाद हम तय करेंगे कि क्या करना है। हमें आने वाले दिनों में कई चुनावों का सामना करना है, हम निश्चित रूप से इसे (आगामी चुनावों को) ध्यान में रखते हुए इस पर विचार करेंगे।'

भाजपा को गत मंगलवार को घोषित विधानसभा चुनाव नतीजों में हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर बहुमत हासिल किया। हरियाणा चुनाव के नतीजों का महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ने के असर के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,'एक चुनाव परिणाम का दूसरे राज्य के चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन सवाल यह है कि जनता हमारे पक्ष में होने के बावजूद परिणाम ऐसे क्यों रहे?'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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