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चुनाव के बीच ऐसी क्या हुआ बात, जो आतिशी और भगवंत मान ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से की मुलाकात; जानें सबकुछ

Poison in Yamuna: यमुना में अमोनिया स्तर बढ़ने के विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की है। आतिशी ने निर्वाचन आयोग को दो पत्र लिखकर आयोग के अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की मांग की थी।

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भगवंत मान और आतिशी ने निर्वाचन आयोग से की मुलाकात।

Delhi Politics: दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत हरियाणा सरकार जानबूझकर यमुना नदी में खतरनाक स्तर तक अमोनिया छोड़ रही है, जिससे दिल्ली की जलापूर्ति खतरे में पड़ रही है। मुलाकात के बाद आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष अपनी चिंताएं रखीं। यमुना में अमोनिया का स्तर सात पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक बढ़ गया है, जो दिल्ली के जल उपचार संयंत्रों की शोधन क्षमता से अधिक है।’’

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग पर जताया भरोसा

आतिशी ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने हमें बताया है कि वह कोई निर्णय लेने से पहले हरियाणा का पक्ष सुनेगा। हमें स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग पर भरोसा है।’’ मान ने तत्काल कार्रवाई का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘हमने यमुना में जहरीले जल के प्रवाह की भरपाई के लिए मुनक नहर से अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की है। निर्वाचन आयोग पिछले साल के अमोनिया स्तर के आंकड़ों की भी समीक्षा करेगा। हमें विश्वास है कि यह दिल्ली के पक्ष में फैसला देगा।’’ आतिशी ने निर्वाचन आयोग को दो पत्र लिखकर आयोग के अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की मांग की थी।

हरियाणा सरकार पर ‘‘जैविक युद्ध’’ में लिप्त होने का लगाया आरोप

दिल्ली के जल संकट पर सोमवार को सियासी घमासान शुरू हो गया, जब आम आदमी पार्टी (आप) के सुप्रीमो केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर ‘‘जैविक युद्ध’’ में लिप्त होने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ‘‘यमुना के पानी को अनुपयोगी बनाने के लिए इसमें जहर मिलाया जा रहा है। अगर दिल्ली में लोग इस पानी को पीएंगे तो कई लोग मर जाएंगे। यह सामूहिक हत्या से कम नहीं है।’’ आतिशी ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पानी में अमोनिया की मौजूदगी की बात स्वीकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शिल्पा शिंदे ने यमुना के पानी में अमोनिया के बढ़े हुए स्तर की पुष्टि की है।

हालांकि, बाद में शिंदे ने आप नेताओं के दावों को ‘‘तथ्यात्मक रूप से गलत’’ और ‘‘भ्रामक’’ बताया जिससे मामला और उलझ गया है। दिल्ली में पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अमोनिया विवाद अहम मुद्दा बन गया है। दिल्ली जल बोर्ड के संयंत्रों में उपचार क्षमता कम होने के कारण राजधानी के कई हिस्सों में पानी की कमी के बीच आप और भाजपा के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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