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Chacha vs Bhatija: बारामती में अजित पवार और युगेंद्र पवार का क्या होगा? वोट डालने के बाद दोनों ने किया ये बड़ा दावा

Baramati Election: बारामती विधानसभा सीट पर अजित पवार की जीत होगी या उनके भतीजे युगेंद्र पवार बाजी मार लेंगे? इस सवाल का जवाब इस क्षेत्र की जनता आज ईवीएम में कैद कर देगी, जो पिटारा आगामी 23 नवंबर को खुलेगा। आपको बताते हैं कि वोट डालने के बाद दोनों ने क्या प्रतिक्रिया दी है।

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अजित पवार बनाम युगेंद्र पवार की जंग

Ajit Pawar vs Yugendra Pawar: महाराष्ट्र में एक बार फिर चाचा बनाम भतीजे की लड़ाई देखने को मिल रही है। इस बार चाचा और भतीजे का कैरेक्टर बदल गया है। चाचा की भूमिका में शरद पवार नहीं है, बल्कि उनके भतीजे अजित पवार हैं। अजित पवार की जंग उन्हीं के अपने भतीजे युगेंद्र पवार से हो रही है। बारामती विधानसभा सीट पर दोनों नेता आमने-सामने हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार सुबह मतदान शुरू हो गया, जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) मजबूत वापसी की उम्मीद कर रहा है। आपको बताते हैं कि चाचा-भतीजे ने वोट डालने के बाद क्या कुछ कहा?

अजित पवार को बारामती सीट से जीत का भरोसा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बारामती विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी उम्मीदवार अजित पवार कहते हैं, "हमने काम किया है, हम काम करना चाहते हैं और हमारे पास भविष्य के विकास के लिए विजन है। मुझे बारामती के मतदाताओं पर पूरा भरोसा है कि वे मुझे विजयी बनाएंगे और 8वीं बार विधानसभा भेजेंगे।"

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बारामती विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी उम्मीदवार अजीत पवार ने महाराष्ट्र चुनाव 2024 के लिए वोट डालने के बाद स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने कहा "महायुति यहां सरकार बनाने जा रही है।" सूबे की सभी 288 विधानसभा सीट पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया और यह शाम छह बजे तक जारी रहेगा। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।

युगेंद्र पवार ने चुनाव को लेकर क्या कुछ कहा?

बारामती विधानसभा सीट से एनसीपी-एससीपी उम्मीदवार युगेंद्र पवार ने कहा, "...मुझे 100% विश्वास है कि बारामती के लोग शरद पवार को नहीं भूलेंगे और उन्हें आशीर्वाद देंगे हम।" युगेंद्र पवार ने वोट डालने के बाद कहा कि "पवार साहब (शरद पवार) हमारे साथ हैं, इसलिए हम बिल्कुल भी नर्वस नहीं हैं। मैं पहली बार चुनाव लड़ रहा हूं, लेकिन मैं कई सालों से राजनीति में हूं, इसलिए मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। अब नई पीढ़ी को आगे आना चाहिए..." सुप्रिया सुले पर लगे आरोपों पर वे कहते हैं, "मैंने ऑडियो क्लिप नहीं देखी है, लेकिन कल कुछ भाजपा नेताओं का वीडियो क्लिप वायरल हुआ है, आपको भी उसे देखना चाहिए।"

अजित पवार ने अपनी बहन के लिए ये क्या कह दिया?

सुप्रिया सुले और नाना पटोले के खिलाफ आरोपों पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बारामती विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी उम्मीदवार अजीत पवार ने कहा "जो भी ऑडियो क्लिप दिखाई जा रही है, मैं बस इतना जानता हूं कि मैंने उन दोनों के साथ काम किया है। उनमें से एक मेरी बहन है और दूसरी वह है जिसके साथ मैंने बहुत काम किया है। ऑडियो क्लिप में उनकी आवाज़ है, मैं उनके लहजे से समझ सकता हूं। जांच की जाएगी और सब कुछ स्पष्ट पता चल जाएगा।"

सीएम पद के लिए उम्मीदवार के बारे में क्या बोले अजित पवार?

सुप्रिया सुले और नाना पटोले पर लगे आरोपों पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बारामती विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी उम्मीदवार अजित पवार ने कहा, "जांच की जाएगी और सच्चाई लोगों के सामने आएगी..." सीएम पद के लिए उम्मीदवार के बारे में उन्होंने कहा, "महायुति के सभी निर्वाचित विधायकों के साथ हमारी बैठक होगी और फिर हम तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा"

अजित पवार को सुप्रिया सुले ने इस अंदाज में दिया जवाब

अपने और नाना पटोले के खिलाफ आरोपों को लेकर अजित पवार के बयान पर एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले का कहना है, "वह अजित पवार हैं, वह कुछ भी कह सकते हैं। 'राम कृष्ण हरि'..."

अपने और नाना पटोले पर लगे आरोपों पर एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि "कल, ये सारी वॉयस रिकॉर्डिंग मीडिया ने मुझे भेजी थीं। सबसे पहले मैंने पुणे के कमिश्नर को फ़ोन करके बताया कि कुछ फ़र्ज़ी वीडियो चल रहे हैं और मैं साइबर क्राइम में शिकायत करना चाहता हूँ. मैंने तुरंत साइबर क्राइम में शिकायत की कि ये सारे वॉयस नोट और मैसेज झूठ और फ़र्जी हैं, इसलिए मैंने साइबर क्राइम को नोटिस भेजा. उसके बाद, बीजेपी के प्रवक्ता हैं जिन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की... उसके बाद, मैंने अपने वकीलों को बुलाया और आज सुबह मैंने सुधांशु त्रिवेदी को आपराधिक मानहानि का नोटिस भेजा. मैं बाहर आकर सुधांशु त्रिवेदी को कभी भी जवाब देने के लिए तैयार हूँ, जिस शहर में वो चाहें, जिस चैनल पर वो चाहें, जिस समय वो चाहें, जहाँ भी वो मुझे बुलाएँ, मैं आऊँगा और मैं उनका जवाब दूँगा. मैं जवाब दूँगा नहीं, झूठ, सारे आरोप झूठे हैं. मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता और इसीलिए मैंने सबसे पहले साइबर क्राइम में शिकायत की और मैंने मानहानि का नोटिस भेजा"

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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