Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में बीजेपी राज्य की सत्ता में बैठी अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार पर हमलावर हो रही है। बीजेपी एक तरफ गहलोत सरकार पर हमलावर है तो दूसरी तरफ पार्टी बूथ स्तर तक संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी 20-20 घंटे काम कर रहे हैं। वहीं दिल्ली और जयपुर से बूथ स्तर तक चुनाव अभियान की मॉनीटिरंग की जा रही है। विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी राज्य की सत्ता पर काबिज गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए हर चक्रव्यहू की रचना कर रही है। भाजपा हर हाल में सत्ता हासिल करना चाहती है और इसीलिए गहलोत सरकार को चौतरफा घेर रही है। वहीं राजस्थान में हजारों की संख्या में प्रवासी कार्यकर्ता राजस्थान की भूमि पर पहुंचे हैं और भगवा रंग को जमाने एवं कमल खिलाने का काम कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने राजस्थान चुनाव में यूपी की महिला पदाधिकारियों को कैंपन करने के लिए लगाया गया है। उत्तर प्रदेश से 39 महिला पदाधिकारी राजस्थान की अलग अलग विधानसभाओं में घूम रही हैं और पार्टी का प्रचार कर रही हैं। इन महिला पदाधिकारियों को जनसंपर्क अभियान, शक्ति केंद्रों और बूथों पर कैंपेन का काम दिया गया है।
पश्चिम से इन्होंने संभाला मोर्चा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया को प्रमुख रूप से राजस्थान चुनाव में लगाया गया है और उन्हें जयपुर जिला दिया गया है। डॉ. अंतुल तेवतिया झोटवाड़ा विधानसभा में चुनाव प्रचार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृ शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया है। महिलाओं को हर क्षेत्र में सशक्त करने का काम पीएम मोदी ने किया है। मातृशक्ति के साथ साथ आमजन का उत्साह देखकर स्पष्ट है कि झोटवाड़ा सहित सम्पूर्ण प्रदेश में भाजपा की प्रचण्ड मतों से विजय होने वाली है।
मैदान में मातृशक्ति
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुसुम अग्रवाल, क्षेत्रीय महामंत्री महिला मोर्चा रमा गुप्ता, मोदीनगर से विधायक डॉ. मंजु सिवाय, क्षेत्रीय महामंत्री महिला मोर्चा दीपमाता संतोषी, पुष्पा सिंह (बुलंदशहर), सहारनपुर से प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा नूतन शर्मा को लगाया गया है। इनके अलावा पूरे उत्तर प्रदेश से प्रवासी महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता राजस्थान पहुंचे हैं और अलग अलग विधानसभाओं में पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं।
