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Gujarat में फिर से लहराया भगवा, BJP जीत में ये 5 बड़े फैक्टर रहे अहम-VIDEO

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Dec 8, 2022, 04:12 PM IST

bjp Gujarat wins five reason: गुजरात में बीजेपी को एक बार फिर सत्ता दिलाने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है, जानिए बीजेपी की गुजरात में जीत के ये अहम कारण रहे।

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गुजरात में बीजेपी को एक बार फिर सत्ता दिलाने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
पीएम मोदी ने खुद को गुजरात का बेटा बताते हुए इस चुनाव को सीधे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ दिया
टीम बीजेपी में पीएम मोदी के अलावा भी कई दिग्गज चेहरे रहे जिनका बीजेपी की जीत में अहम योगदान
गुजरात की जनता ने अपने गुजरात मॉडल के आगे केजरीवाल की पार्टी AAP के दिल्ली मॉडल को खारिज कर दिया

गुजरात चुनाव में एक बार फिर बीजेपी को बड़ी जीत मिली है. 27 सालों से जो विश्वास बीजेपी ने जनता के बीच बनाया था उसपर एक बार फिर से जनता ने मुहर लगाई है, ऐसा क्या है कि गुजरात में एक बार फिर से बीजेपी पर जनता ने विश्वास दिखाया है और सत्ता सौंपी है, हम आपको इस वीडियो 5 ऐसे ही बड़े कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं कि बीजेपी कैसे जीती है।

1. मोदी इफेक्ट

गुजरात में बीजेपी को एक बार फिर सत्ता दिलाने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है. मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से प्रदेश में बीजेपी कमजोर पड़ रही थी. कई बड़े आंदोलन प्रदेश सरकार के खिलाफ हुए, लेकिन प्रचार की कमान जब मोदी ने संभाली तो सभी मुद्दे पीछे छूट गए. मोदी ने धुंआधार 36 से ज्यादा रैलियां कीं और अपने व्यक्तित्व के करिश्मे से सीधे वोटरों तक पहुंचने में कामयाब रहे. उन्होंने हर सभा में गुजराती में भाषण दिया और 'गुजरात के बेटे' को जिताने की भावनात्मक अपील की. मोदी का यह दांव काम कर गया.

2. मोदी-शाह का लोकल कनेक्ट

पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को गुजरात का बेटा बताते हुए इस चुनाव को सीधे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ दिया. अमित शाह भी गुजरात की मिट्टी में ही राजनीति करते हुए परिपक्व हुए हैं. बीजेपी के इन दो दिग्गजों का गुजरात से होना, पार्टी के लिए बड़ा फैक्टर रहा. दोनों नेता गुजराती भाषा में प्रचार कर वोटरों तक सीधे पैठ बनाने में कामयाब रहे, जबकि राहुल हिंदी में भाषण देते थे. कांग्रेस के पास कोई बड़ा चेहरा गुजरात में नहीं था. कांग्रेस दो बड़े नेता अर्जुन मोढवाडिया और शक्ति सिंह गोहिल चुनाव भी हार गए.

4. बीजेपी के 'चाणक्य' का कमाल

टीम बीजेपी में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा भी कई दिग्गज चेहरे रहे जिनका बीजेपी की जीत में अहम योगदान है. बीजेपी के 'चाणक्य' कहे जाने वाले अध्यक्ष अमित शाह, सीएम विजय रुपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, कई केंद्रीय मंत्री, अन्य राज्यों से आए नेताओं ने जमकर प्रचार किया और वोटर्स को अपने पक्ष में किया.

4. भरोसा जीतने में नाकाम कांग्रेस

गुजरात में 22 साल के सत्ता के सूखे को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने भरपूर कोशिश की. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जमकर मेहनत की और मोदी के गढ़ में जाकर उन्हें चैलेंज किया, लेकिन कांग्रेस वोटरों में यह भरोसा जगाने में नाकाम रही कि वह सरकार बना सकती है. लोगों में यह संदेश गया कि कांग्रेस खुद के बल पर नहीं बल्कि हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश के सहारे सत्ता हासिल करना चाहती है. प्रधानमंत्री के चुनाव प्रचार में कूदने के बाद कांग्रेस की यह नकरात्मक छवि और मजबूत हुई.

5. दिल्ली मॉडल खारिज

गुजरात की जनता ने अपने गुजरात मॉडल के आगे अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी के दिल्ली मॉडल को खारिज कर दिया. आम आदमी पार्टी ने अपना पूरा दमखम दिखाया था और दावा किया था कि सरकार बनाएंगे. फ्री शिक्षा, स्वस्थ्य और बिजली वाली रेवड़ियां खाने के मूड में गुजराती इस बार नजर नहीं आए. यही कारण रहा कि गुजरात की जनता ने दिल्ली मॉडल का सिरे से खारिज कर आम आदमी पार्टी के मनसूबों पर पानी फेर दिया.

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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