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MP Chunav: भाजपा को चुनाव से ठीक पहले लगा झटका, जबलपुर के नगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने दिया इस्तीफा

Madhya Pradesh Assembly Election 2023: चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश में भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बाद जबलपुर के नगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ये आरोप लगाया है कि शहर में उनके खिलाफ माहौल बनाया गया है। चुनाव में वो भाजपा के लिए मुसीबत बढ़ा सकते हैं।

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प्रभात साहू ने नगर अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा।

MP Chunav News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका लगा है। जबलपुर के नगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने नगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ये आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ शहर में गलत माहौल बनाया जा रहा है। बीते 21 अक्टूबर को भाजपा कार्यालय में हंगामा देखा गया था, उसके बाद लगातार उनपर सवाल उठ रहे थे।

अमित शाह के दौरे के बाद नगर अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

भाजपा नेता प्रभात साहू ने जबलपुर नगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है, हैरानी की बात ये है कि उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बाद फैसला लिया। उन्होंने ये आरोप लगाया कि मेरे खिलाफ शहर में वातावरण बनाया गया। उन्होंने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। चुनाव से पहले ये राजनीतिक घटना भाजपा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

कार्यकाल में हुए हंगामे के बाद बढ़ा विवाद

बीते 21 अक्टूबर को बीजेपी संभागीय कार्यकाल में भारी हंगामा हुआ था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि हंगामे के लिए मैं जिम्मेदार हूं। जिन पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें ईनाम दिया गया है। कार्यकर्ता होने के नाते काम करता रहूंगा।'

बीजेपी को आगामी चुनाव में हो सकता हैं नुकसान

भाजपा के नगर अध्यक्ष ने अपने पद से भले ही इसतीफा दे दिया हो, मगर उन्होंने ये ऐलान किया कि वो बतौर कार्यकर्ता पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है कि इसका नुकसान भाजपा को आगामी चुनाव में झेलना पड़ सकता है। बता दें, प्रभात साहू उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र से टिकिट ना मिलने से नाराज हैं। प्रभात साहू जबलपुर के महापौर भी रह चुके हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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