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Maharashtra Election: भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी... महाराष्ट्र में कौन कितनी सीटों पर लड़ रहा विधानसभा चुनाव? जानें सारा गुणा-गणित

Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सियासी उठापटक का सिलसिला बदस्तूर जारी है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि महाविकास अघाडी और महायुति गठबंधन में शामिल कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है? ताजा अपडेट के अनुसार महाराष्ट्र में भाजपा 148 विधानसभा सीटों और कांग्रेस 103 सीट पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि कुछ सीट पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आपको सारा गणित समझाते हैं।

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महाराष्ट्र में कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर लड़ रही है चुनाव?

Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र में कौन सी पार्टी कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है? इस सवाल का जवाब सामने आ चुका है। नामांकन का सिलसिला थम गया है और अब निगाहें 20 नवंबर पर टिकी हैं, लेकिन आपको चुनावी गणा-गणित से रूबरू होना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूटीबी, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और अजित पवार की एनसीपी कुल कितनी सीटों पर ताल ठोक रही हैं?

भाजपा 148, कांग्रेस 103 सीट पर लड़ेगी चुनाव

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 148 सीट पर और कांग्रेस 103 सीट पर चुनाव लड़ रही है। नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन था। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना ने 80 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राकांपा ने 53 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। पांच सीट महायुति के अन्य सहयोगियों को दी गई हैं, जबकि दो सीटों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

महाराष्ट्र की कुछ विधानसभा सीट पर स्थिति स्पष्ट नहीं

वहीं, विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) में कांग्रेस 103 सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली शिवसेना (यूबीटी) 89 और राकांपा (एसपी) 87 सीट पर चुनाव लड़ रही है। छह सीट एमवीए के अन्य सहयोगियों को दी गई हैं, जबकि तीन विधानसभा सीट पर कोई स्पष्टता नहीं है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों ही खेमों सहित लगभग 8,000 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि 7,995 उम्मीदवारों ने निर्वाचन आयोग के पास 10,905 नामांकन दाखिल किए हैं। मतदान 20 नवंबर को होगा और मतों की गिनती तीन दिन बाद की जाएगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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