इलेक्शन

Bihar Politics: लालू ने पूछा- ये मोदी क्या चीज है? बेटे तेजस्वी ने भी सुर से मिलाया सुर, कहा- भाजपा झूठ की फैक्ट्री

Jan Vishwas Rally: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित हुई जन विश्वास रैली में पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने देश के प्रधानमंत्री को जमकर खरी-खोटी सुनाई। साथ ही तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद का मतलब अधिकार, रोजगार और विकास, भाजपा झूठ की फैक्ट्री है। आपको बताते हैं लालू और तेजस्वी ने क्या-क्या कहा।

Image

लालू और तेजस्वी ने मोदी को सुनाई खरी-खोटी।

Photo : Times Now Digital

Lalu Slams Modi: लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परिवारवाद के मुद्दे पर पलटवार किया। उन्होंने मोदी के हिंदू होने पर भी सवाल उठाया। लालू और तेजस्वी ने बिहार की राजधानी पटना में आयोजित जन विश्वास रैली के जरिए आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर हुंकार भरी। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई दिग्गजों ने शिरकत की। लालू और तेजस्वी ने क्या कहा नीचे पढ़िए।

पीएम मोदी के हिंदू होने पर लालू ने उठाया सवाल

लालू ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि 'ये मोदी क्या है मोदी, मोदी कोई चीज है क्या? ये नरेंद्र मोदी आजकल परिवारवाद पर हमला कर रहे हैं, अरे भई तुम बताओ न कि तुमको क्यों परिवार में कोई संतान तुमको नहीं हुआ बताओ। ज्यादा संतान होने वाले लोगों को बोलता है कि परिवारवाद है, परिवार के लोग लड़ रहे हैं। तुम्हारे पास परिवार नहीं है और तुम्हारी माता जी जब, और तुम हिंदू भी नहीं है। तुम्हारी माता जी का जब देहांत हो गया तो हर हिंदू अपने मां के शोक में केश दाढ़ी बनवाता और छिलवाता है। क्यों नहीं छिलवाया बताओ, क्यों नहीं छिलवाया? देशभर में नफरत फैला रहे हो।'

तेजस्वी ने भाजपा को बताया झूठ की फैक्ट्री

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर झूठ की फैक्ट्री होने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का मतलब अधिकार, रोजगार और विकास है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित ‘जनविश्वास महारैली’ को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता हमेशा जुमलेबाजी करते हैं, लेकिन 'हम इस देश और बिहार के लोगों के अधिकारों और नौकरियों के लिए लड़ते हैं।'

तेजस्वी ने बताया MY और BAAP समीकरण

तेजस्वी ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि राजद मुस्लिम और यादव (एमवाई) की पार्टी है, लेकिन असल में यह एम-वाई और ‘बाप’ (बीएएपी) की पार्टी है जिसमें “बी” से बहुजन, ‘ए’ से अगडा, ‘ए’ से आधी आबादी (महिलाएं) और ‘पी’ से गरीब है। राजद के युवा नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा , 'महागठबंधन सरकार ने बिहार में पिछले 17 महीनों में जो किया भाजपा से हाथ मिलाने वाले नीतीश जी पिछले 17 वर्षों में नहीं कर सके।'

'इधर चला मैं उधर चला' गाने का किया जिक्र

नीतीश कुमार ने हाल में राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन को छोड़कर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे। जदयू अध्यक्ष कुमार के बार-बार पलटी मारने पर एक हिंदी फिल्म के मशहूर गाने 'इधर चला मैं उधर चला' को दोहराते हुए तेजस्वी ने कहा, 'नीतीश चाचा भी इस गाने की तरह ही काम करते हैं और बार-बार अपना पाला बदलते हैं।' कुमार कैबिनेट में शामिल बिहार भाजपा नेताओं पर हमला करते हुए तेजस्वी ने कहा कि वर्तमान में बिहार में दो उपमुख्यमंत्री हैं जिनमें से एक उप मुख्यमंत्री ‘अभद्र भाषा इस्तेमाल’ करने वाले हैं और दूसरे ‘बड़बोले’ हैं।

मुख्यमंत्री कुमार द्वारा महागठबंधन से नाता तोड़ने और भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद जन विश्वास महारैली विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की पहली संयुक्त रैली है। रैली के अवसर पर राजद कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य की राजधानी पटना में 'भाजपा हटाओ, देश बचाओ' नारे वाले पोस्टर और बैनर बड़ी संख्या में लगाए गए हुए थे। मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष कुमार के महागठबंधन से अचानक अलग होने और भाजपा नीत राजग के साथ नई सरकार बना लेने से राजद बिहार की सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद तेजस्वी द्वारा निकाली गयी राज्यव्यापी 'जन विश्वास यात्रा' के समापन के मौके पर इस रैली को आयोजित किया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article