बिहार चुनाव (Bihar Election) से पहले राज्य में सियासी पारा हाई है। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले देश के दिग्गज नेता चुनाव प्रचार प्रसार करने बिहार पहुंच रहे हैं। इंडिया गठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बना दिया है। हालांकि, एनडीए ने अभी तक नीतीश कुमार के नाम पर मुहर नहीं लगाया है। हालांकि, अमित शाह सहित एनडीए के तमाम दिग्गजों ने कहा कि नीतीश कुमार की लीडरशिप में चुनाव लड़ा जा रहा है।
सीएम उम्मीदवार को लेकर क्या बोले अशोक चौधरी?
इसी बीच जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी ने टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत की। जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या अगर इस बार चुनाव में एनडीए की जीत होती है तो नीतीश कुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे?
क्योंकि बीजेपी और चिराग पासवान का कहना है कि एनडीए फिलहाल उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है कि सभी नेता मिलकर अपना नेता चुनते हैं। हम इसका सम्मान करते हैं, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे।
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि इस बार वो चुनावी कैंपेन में नीतीश कुमार के साथ ज्यादा नहीं दिख रहे तो उन्होंने कहा कि सभी नेताओं की जिम्मेदारियां बंटी हुई है और सभी नेता अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बता दें कि यह चर्चा चल रही है कि पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार, अशोक चौधरी से नाराज हैं। इस मामले पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही अफवाह है।
अशोक चौधरी पर पीके ने क्या लगाए आरोप?
जन सुराज सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी पर भ्रष्टाचार पर आरोप लगाया है। प्रशांत किशोर का आरोप है कि अशोक चौधरी ने ठेकेदार से कमीशन लेकर 500 करोड़ की संपत्ति बना ली है।
इन आरोपों पर अशोक चौधरी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी पर आरोप लगा सकता है। हमने प्रशांत किशोर के आरोपों पर 100 करोड़ का लीगल नोटिस दिया है। मेरी मालिक जनता है। मैं जनता के अदालत में जाऊंगा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान चुनाव पर है। उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रशांत किशोर का आरोप सच निकला तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी-जेडीयू में सबकुछ ठीक है? इस सवाल पर तो उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक है।
बता दें कि 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 14 नवंबर को सामने आएंगे। बात करें एनडीए में सीट शेयरिंग की तो भाजपा और जदयू दोनों दल 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि चिराग पासवान की पार्टी 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम 6 तो जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
