Sonbarsha Assembly Constituency Election 2025: बिहार के सहरसा जिले की सोनबरसा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। हालांकि, सहरसा में होने के बावजूद यह मधेपुरा लोकसभा सीट का हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक, यह सीट सोनबरसा, पतरघट और बनमा ईटहरी प्रखंडों को मिलाकर बनी है। सोनबरसा विधानसभा 1951 से अस्तित्व में आई और अब तक यहां 17 बार चुनाव हो चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस ने यहां चार बार जीत दर्ज की है, जबकि राजद और जदयू तीन-तीन बार, जनता दल ने दो बार और लोकदल, संयुक्त समाजवादी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने एक-एक बार जीत का स्वाद चखा। यह वही सीट है, जहां से 1985 में लोकदल के टिकट पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर विधायक चुने गए थे। इस सीट से कुल 5 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। इस सीट के लिए महागठधन कांग्रेस प्रत्याशी और एनडीए गठबंधन की ओर से जदयू का सीधा मुकाबला है।
सोनबरसा विधानसभा के प्रत्याशी
सोनबरसा विधानसभा (74) से कुल पांच उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। इनमें रत्नेश सादा (जदयू), किरण देवी (बसपा), प्रमोद सादा (निर्दलीय), सरिता देवी (कांग्रेस) और सुदर्शन कुमार (आरएलजेपी) शामिल हैं। इस सीट पर जदयू और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2008 में यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व कर दी गई थी। इसके बाद 2000 और 2005 में राजद के रामचंद्र पुर्वे ने जीत दर्ज की, जबकि 2010, 2015 और 2020 में जदयू के रत्नेश सदा ने लगातार तीन बार विजय पताका फहराया। आंकड़े कहते हैं कि हर बार उनकी जीत का अंतर घटता-बढ़ता रहा। साल 2010 में जहां उन्होंने 31,445 वोटों से जीत हासिल की थी तो वहीं 2015 में यह अंतर बढ़कर 53,763 हो गया, लेकिन 2020 में घटकर 13,466 पर पहुंच गया।
राजनीतिक जानकर कहते हैं कि सोनबरसा विधानसभा में जदयू की पकड़ केवल विधानसभा चुनावों तक सीमित नहीं रही। साल 2009 से अब तक हुए सभी लोकसभा चुनाव में, 2015 को छोड़कर, जदयू को यहां बढ़त मिली है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की। जानकारी के मुताबिक, साल 2008 में परिसीमन से पहले, राजद के रामचंद्र पुर्वे ने 2000 और 2005 के दोनों चुनावों में जीत हासिल की थी।
सोनबरसा विधानसभा में कितने मतदाता
सोनबरसा विधानसभा क्षेत्र (74) में 2020 के चुनाव के समय के कुल मतदाताओं की संख्या तीन लाख 11 हजार 625 से बढ़कर तीन लाख 27 हजार 202 हो गई थी। उस समय पुरुष मतदाताओं की संख्या एक लाख 61 हजार 69 थी, जो अब बढ़कर एक लाख 68 हजार 812 और पिछले चुनाव की अपेक्षा महिला मतदाताओं की संख्या एक लाख 50 हजार 551 से बढ़कर एक लाख 58 हजार 387 हो गई है। चुनाव आयोग के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र की कुल जनसंख्या 5,44,751 है। कुल 3,18,427 मतदाताओं में 1,64,828 पुरुष, 1,53,595 महिलाएं और 4 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। । इनमें अनुसूचित जाति के मतदाता 84,911 (27.1%), मुस्लिम मतदाता लगभग 48,256 (15.4%) और यादव मतदाता करीब 55,464 (17.7%) थे. मतदान प्रतिशत 54.10% रहा, जो आम तौर पर यहां कम भागीदारी की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
