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Rajnagar Assembly Election 2025: राजनगर सीट पर कौन मारेगा बाजी? जानें इस सीट का समीकरण

Rajnagar Assembly Constituency (राजनगर विधानसभा सीट): 2020 के चुनाव में यहां 3,31,220 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें 14.85% अनुसूचित जाति, 14% मुस्लिम और लगभग 12.40% झा (मैथिल ब्राह्मण) मतदाता थे। 2024 तक यह संख्या बढ़कर 3,39,401 हो गई।

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025।

Rajnagar Assembly Constituency (राजनगर विधानसभा सीट): राजनगर सीट बिहार की 243 विधानसभाओं में से एक है। यह सीट मधुबनी जिले में स्थित है। 2020 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार राम प्रीत पासवान विजयी हुए। पासवान ने राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के राम अवतार पासवान को 19121 वोटों के अंतर से हराया। राजनगर सीट पहली बार 1967 में अस्तित्व में आई थी। इसके बाद यह सीट समाप्त कर दी गई, लेकिन 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद इसे फिर से बहाल किया गया।

2010 में राजद उम्मीदवार विजयी

2010 में राजद के रामलखन राम रमण ने भाजपा के रामप्रीत पासवान को 2,459 वोटों से हराया. उनकी मृत्यु के बाद हुए 2014 के उपचुनाव में राजद के राम अवतार पासवान ने फिर से रामप्रीत पासवान को 3,448 वोटों से हराया. 2015 में रामप्रीत पासवान (भाजपा) ने जीत हासिल की और 6,242 वोटों से राजद प्रत्याशी को हराया. 2020 में उन्होंने अपनी बढ़त और मजबूत कर 19,121 वोटों से जीत दर्ज की.

सुरक्षित सीट है राजनगर

2020 के चुनाव में यहां 3,31,220 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें 14.85% अनुसूचित जाति, 14% मुस्लिम और लगभग 12.40% झा (मैथिल ब्राह्मण) मतदाता थे। 2024 तक यह संख्या बढ़कर 3,39,401 हो गई। हाल के चुनावों में औसत मतदान प्रतिशत करीब 52% रहा है। राजनगर (एससी) विधानसभा सुरक्षित सीट है. जातीय समीकरण की बात करें तो मधुबनी जिले के इस सीट पर स्थानीय राजनीति में पासवान, रविदास, भूमिहार, कुर्मी और कोइरी मतदाताओं की बड़ी भूमिका रहती है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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