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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : कांग्रेस के गढ़ में कौन मारेगा बाजी? क्या है कोढ़ा विधानसभा सीट का समीकरण

बिहार के कटिहार जिले की कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र में अबतक 14 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। 15 वीं बार अपना विधायक चुनने के लिए मतदाता तैयार हैं। चुनाव आयोग ने इस बार इस विधानसभा में दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान कराने का ऐलान किया है, जिसकी मतगणना 14 नवंबर को होगी। आइये जानते हैं इस सीट का समीकरण क्या है?

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कोढ़ा विधानसभा सीट का समीकरण

Kodha Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने 243 सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसी में कटिहार जिले की कोढ़ा विधानसभा सीट भी शामिल है, पूर्णिया लोकसभा सीट का हिस्सा है। 1967 में अस्तित्व में आई यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। इसमें कोढ़ा और फलका प्रखंड इस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। चुनाव आयोग ने इस बार इस विधानसभा में दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान कराने का ऐलान किया है, जिसकी मतगणना 14 नवंबर को होगी। आइये जानते हैं इस सीट का समीकरण क्या है?

कोढ़ा विधानसभा में कितनी बार हुए चुनाव

कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र में अबतक 14 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। 15 वीं बार अपना विधायक चुनने के लिए मतदाता तैयार हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सीट पर कांग्रेस ने 6 बार जीत हासिल की है और जनता दल ने 2 बार जीत दर्ज की है। लोकतांत्रिक कांग्रेस, जनता पार्टी और जेडीयू ने इस सीट पर एक-एक बार परचम लहराया है। हालांकि, कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली सीट पर कुछ वर्षो से भारतीय जनता पार्टी हावी है।

कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र का चुनावी इतिहास

जानकारी के मुताबिक, अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले भोला पासवान शास्त्री ने कोढ़ा से लगातार तीन बार जीतकर हैट्रिक लगाई थी। वे साल 1967 और 1972 में कांग्रेस के टिकट पर और साल 1969 में लोकतांत्रिक कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। हालांकि, सीताराम दास ने साल 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर साल 1990 व 1995 में जनता दल के उम्मीदवार के रूप में यहां से जीत दर्ज की।

साल 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की कविता देवी ने कांग्रेस प्रत्याशी पूनम कुमारी उर्फ पूनम पासवान को 28,943 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। पूनम पासवान ने 2025 में जेडीयू उम्मीदवार के रूप में तत्कालीन विधायक महेश पासवान को 5426 वोटों से मात दी थी। हालांकि, बाद में जेडीयू के एनडीए में वापसी के बाद पूनम पासवान फिर से कांग्रेस में लौटकर घर वापसी की। क्योंकि, उन्होंने अपने पति दिवंगत वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के निधन के बाद कांग्रेस से ही राजनीति की शुरुआत की थी। साल 2010 के चुनाव में पासवान ने कांग्रेस की सुनीता देवी को 52 हजार से अधिक वोटों से हराया था। सुनीता देवी इस क्षेत्र की अंतिम नेता थी, जिन्हें लगातार 2 बार जीत मिली। उन्होंने पहली बार महेश पासवान पर जीत दर्ज की थी।

कोढ़ा विधानसभा में कितने वोटर

कोढ़ा विधानसभा पूरी तरह ग्रामीण में है। 2020 में यहां कुल 2,91,238 रजिस्टर्ड वोटर थे, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में बढ़कर 3,00,389 हो गए। चुनाव आयोग के मुताबिक, 2020 के चुनाव में अनुसूचित जातियों की भागीदारी 12.9 प्रतिशत (37,570) अनुसूचित जनजातियों की 7.88 प्रति (22,950) और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 31.5 प्रतिशत (91,740) थी।

2024 के लोकसभा चुनाव में कोढ़ा की जनता ने निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव (राजेश रंजन) ने पूर्णिया सीट से जीत हासिल की थी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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