Bihar Election 2025: कटिहार विधानसभा बिहार की राजनीति में एक अहम स्थान रखती है। सीमांचल क्षेत्र की यह सीट धार्मिक और जातीय रूप से बेहद विविध है। यहां मुस्लिम आबादी लगभग 25 से 30 प्रतिशत है, जबकि यादव, कुशवाहा, वैश्य और दलित मतदाता भी बड़ी संख्या में हैं। यही सामाजिक समीकरण हर चुनाव में कटिहार को दिलचस्प मुकाबले का मैदान बना देता है।
क्या है इस सीट की राजनीतिक इतिहास?
कटिहार में कांग्रेस, भाजपा, जदयू और राजद का सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारीक अनवर लंबे समय से इस क्षेत्र की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की और एक बार फिर सीमांचल में पार्टी को मजबूती दी। विधानसभा स्तर पर भाजपा का प्रभाव स्पष्ट है। 2020 में तारकिशोर प्रसाद ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी।
जदयू और राजद दोनों ने इस सीट पर समय-समय पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस की पकड़ अधिक रही है। तारिक अनवर की पहचान एक शिक्षित और मध्यमार्गी मुस्लिम चेहरे के रूप में है, जबकि तारकिशोर प्रसाद भाजपा के पुराने संगठनकर्ता माने जाते हैं, जिनका वैश्य समुदाय पर मजबूत पकड़ है।
इस बार मुकाबला बीजेपी के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और महागठबंधन के प्रत्याशी सौरभ अग्रवाल के बीच होगा
