Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव हैं और हर कोई जनता को लुभाने में लगा है। इस बीच सियासत में उस वक्त हलचल मच गई जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आर.के. सिंह ने NDA के कई प्रत्याशियों पर आपराधिक पृष्ठभूमि और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। सिंह ने विशेष रूप से तारापुर से NDA प्रत्याशी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि 'इनपर हत्या का आरोप और उम्र सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़े का मामला रहा है, जिसका जवाब आज तक नहीं दिया गया।'
आर.के. सिंह ने रविवार को अपने संबोधन में कहा कि बिहार की जनता को अब तय करना होगा कि वह अपराध और भ्रष्टाचार की राजनीति को और मौका देगी या साफ-सुथरे शासन का समर्थन करेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को वोट न दें, 'भले वह आपकी जाति का ही क्यों न हो, बिहार का भविष्य बच्चों का भविष्य है।'
'NOTA का विकल्प चुनना चाहिए'
सिंह ने कहा कि अगर सभी प्रत्याशी भ्रष्ट या अपराधी प्रकृति के हों तो मतदाता को NOTA का विकल्प चुनना चाहिए। उनके अनुसार, अपराधियों और माफिया समर्थित नेताओं को वोट देना बिहार को पिछड़ेपन की ओर ले जाएगा।
बयान में आर.के. सिंह ने अन्य प्रत्याशियों के साथ तारापुर के NDA उम्मीदवार सम्राट चौधरी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवारी को लेकर जनता में सवाल उठ रहे हैं, जिसका स्पष्टीकरण अब तक नहीं दिया गया। इस बयान पर भाजपा और एनडीए के अंदरूनी हलकों में हलचल मच गई है।
'जनता के साथ विश्वासघात'
एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों पर हत्या, नरसंहार और अपहरण जैसे गंभीर आरोप रहे हैं, उन्हें टिकट देना जनता के साथ विश्वासघात है। आर.के. सिंह ने कहा कि जब वे 1985 में पटना के जिलाधिकारी थे, तब अनंत सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और विवेका सिंह अनुमंडल कार्यालय के सामने उपद्रव कर रहे थे। 'मैं खुद वहां पहुँचा और उन्हें खदेड़ कर भगाया था।'
