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15 सालों से JDU की सीट तारापुर का इस बार क्या है हिसाब-किताब, जहां NDA ने खेला है सम्राट चौधरी पर दांव

Tarapur Assembly Constituency (तारापुर विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा की तारीखों का ऐलान हो चुका है और पहले चरण के लिए नामांकन की तारीख भी बीत चुकी है। ऐसे में बिहार की एक खास सीट तारापुर विधानसभा के बारे में जान लेते हैं, जो 15 सालों से जदयू का गढ़ है। आइए जानते हैं क्या है तारापुर सीट का हाल, पिछली बार कैसे थे चुनावी नतीजे और इस चुनाव की सभी अपडेट्स।

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क्या है तारापुर का जातीय समीकरण

Photo : Times Now Digital

Tarapur Assembly Constituency (तारापुर विधानसभा सीट): तारापुर विधानसभा क्षेत्र जमुई लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, हालांकि प्रशासनिक रूप से यह मुंगेर जिले में स्थित है। इस क्षेत्र में तीन लाख से अधिक मतदाता हैं। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यहां लंबे समय से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का वर्चस्व रहा है। पिछले सात विधानसभा चुनावों में इसी दोनों दलों के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इतिहास, संस्कृति, आस्था और राजनीति के रंगों से सजा तारापुर अनुमंडल स्तरीय कस्बा मुंगेर जिले का एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र माना जाता है, जो जमुई लोकसभा क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है।

जदयू का परंपरागत गढ़

तारापुर विधानसभा सीट पर 2010 से लगातार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का दबदबा बना हुआ है। 2021 में हुए उपचुनाव में भी जदयू ने यहां जीत दर्ज की थी। 1951 में गठित इस क्षेत्र ने अब तक 19 बार विधायक चुने हैं, जिनमें दो उपचुनाव शामिल हैं। कांग्रेस ने पांच, जदयू ने छह (दो बार समता पार्टी के रूप में) और राजद ने तीन बार जीत दर्ज की है, जबकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, शोषित दल, जनता पार्टी, सीपीआई और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक बार जीत हासिल की है।

जातीय समीकरण और स्थानीय प्रभाव

तारापुर विधानसभा में कुशवाहा (कोइरी) समुदाय का जबरदस्त प्रभाव है। यहां अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 15.1% और मुस्लिम मतदाता करीब 6.8% हैं। तारापुर की राजनीति लंबे समय तक वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जो यहां से छह बार विधायक रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी एक बार चुनाव जीत चुकी हैं। 2019 में शकुनी चौधरी ने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया। अब उनके बेटे और भाजपा के कद्दावर नेता, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस सीट से एनडीए की ओर से मैदान में उतर रहे हैं।

पिछले चुनावों का गणित

2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवार मेवालाल चौधरी ने राजद की दिव्या प्रकाश (पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव की पुत्री) को 7,225 वोटों से हराया था। मेवालाल को 64,468 वोट मिले, जबकि दिव्या को 57,243 वोट मिले थे। 2021 में मेवालाल चौधरी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में जदयू के राजीव कुमार सिंह ने राजद के अरुण कुमार साह को मामूली अंतर (3,852 वोट) से मात दी थी।

इस चुनाव इनके बीच होगा मुकाबला

इस बार तारापुर सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद मैदान में हैं, जिससे एनडीए खेमे में जोश है। वहीं, महागठबंधन ने VIP से सकलदेव बिंद को उम्मीदवार बनाया है। प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के सामने डॉ. संतोष सिंह को टिकट दिया है।

तारापुर में कब होंगे चुनाव (Munger Election Date):

नोटिफिकेशन की तारीख10 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख17 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख18 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख20 अक्टूबर 2025
मतदान6 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

तारापुर विधानसभा क्षेत्र में असरगंज, टेटिहा बम्बर, संग्रामपुर और खड़गपुर ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह क्षेत्र इतिहास, संस्कृति और आस्था का केंद्र माना जाता है, लेकिन इसकी पहचान सबसे अधिक इसके राजनीतिक महत्व से है। यहां की ओबीसी आबादी, विशेषकर कुशवाहा समाज, हमेशा से चुनावी परिणामों को प्रभावित करती रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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